Anjana Nandanam Veeram Janaki Shoka Nashanam | अंजना नंदनं वीरं जानकी शोक नाशनम्: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए अंजना नंदनं वीरं जानकी शोक नाशनम् प्रार्थना के बारे में बात करेंगे। रामायण के सुंदरकांड से लिया गया यह अंजना नंदनं वीरं जानकी शोक नाशनम् श्लोक अंजना देवी के पुत्र तथा वानरों के प्रमुख, हनुमान जी की, सीता देवी की खोज में लंका तक की अद्भुत यात्रा का वर्णन करता है। यह श्लोक संकट से बचाने वाले हनुमान जी को समर्पित एक प्रार्थना हैं। यह श्लोक हनुमान जी की शक्ति, भक्ति, वीरता और कृपा का आह्वान करता है। अगर आपको भगवान हनुमान को प्रसन्न करना है तो आपको यह श्लोक पढ़ने चाहिए।
अंजना नंदनं वीरं जानकी शोक नाशनम्
अंजना नंदनं वीरं
जानकी शोक नाशनम् ।
कपीश मक्ष हंतारं
वंदे लंका भयंकरम् ॥
अर्थ: माता अंजनी के वीर पुत्र, जानकी माता के शोक का नाश करने वाले, वानरों के राजा, अक्षय कुमार आदि को मारने वाले तथा लंका नगरी में भय उत्पन्न करने वाले वीर हनुमानजी की मैं वन्दना करता हूँ।
Anjana Nandanam Veeram
Anjana Nandanam Veeram
Janaki Shoka Nashanam ।
Kapesha Maksha Hahantaram
Vande Lanka Bhayankaram ॥
https://www.youtube.com/watch?v=yZeoN5JZfr0&t=420s
Credit the Video : PLAY Devotional YouTube Channel
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