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Ganesha Visarjan Mantra | श्री गणेश विसर्जन के मंत्र

Ganesha Visarjan Mantra | श्री गणेश विसर्जन के मंत्र: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए गणेश विसर्जन के मंत्र के बारे में बात करेंगे। घरों और पंडालों में विराजित गणपति बप्पा को विदाई के समय (गणपति विसर्जन के दौरान), गणेश जी को लाल चन्दन, लाल फूल, दूर्वा, मोदक, पान, सुपारी, धूप-दीप आदि अर्पित करें। संभव हो तो गणेश जी के हाथ में लड्डू की पोटली अर्पित करें। अनंत चतुर्दशी के दिन पूरे परिवार के साथ गणपति की आरती करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्यक्ति को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देकर गणपति बप्पा जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि अपनी गलतियों के लिए गणेश जी से क्षमा मांगे और इसके बाद धूमधाम के साथ खुशी-खुशी गणपति जी का विसर्जित करें। आइए जानते हैं गणपति विसर्जन के मंत्र:

Ganesha Visarjan Mantra

श्री गणेश विसर्जन के मंत्र

ॐ यान्तु देवगणा: सर्वे पूजामादाय मामकीम्।
इष्टकामसमृद्धयर्थं पुनर्अपि पुनरागमनाय च॥

गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठ स्वस्थाने परमेश्वर।
मम पूजा गृहीत्मेवां पुनरागमनाय च॥

ऊँ मोदाय नम:
ऊँ प्रमोदाय नम:
ऊँ सुमुखाय नम:
ऊँ दुर्मुखाय नम:
ऊँ अविध्यनाय नम:
ऊँ विघ्नकरत्ते नम:

Disclaimer : Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com/) किसी की आस्था को ठेस पहुंचना नहीं चाहता। ऊपर पोस्ट में दिए गए उपाय, रचना और जानकारी को भिन्न – भिन्न लोगों की मान्यता और जानकारियों के अनुसार, और इंटरनेट पर मौजूदा जानकारियों को ध्यान पूर्वक पढ़कर, और शोधन कर लिखा गया है। यहां यह बताना जरूरी है कि (https://bhaktibharatki.com/) किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पूर्ण रूप से पुष्टि नहीं करता। श्री गणेश विसर्जन के मंत्र को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ, ज्योतिष अथवा पंड़ित की सलाह अवश्य लें। श्री गणेश विसर्जन के मंत्र का उच्चारण करना या ना करना आपके विवेक पर निर्भर करता है।

 

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