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Kaal Hai Karaal Mahakal | काल है कराल महाकाल कुंद रूप है

Kaal Hai Karaal Mahakal

Kaal Hai Karaal Mahakal | काल है कराल महाकाल कुंद रूप है: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए काल है कराल महाकाल कुंद रूप है भजन के बारे में बात करेंगे। काल है कराल महाकाल कुंद रूप यह उनके उग्र रूप का प्रतीक है जो विनाश और पुनर्सृजन को नियंत्रित करता है। कालों के काल महाकाल प्रचंड हैं, अखंड हैं। अलौकिक, अद्भुत, आदि, अनादि, सर्वव्यापी भगवान शिव हैं।

Kaal Hai Karaal Mahakal

काल है कराल महाकाल कुंद रूप है

काल है कराल महाकाल कुंद रूप है
कालीनाथ है किरात कुशल कीर्ति भूप है
कठिन काल कूट कंठ माल है कमाल है
कामना को काट देख पर बेमिसाल है

शिव का वास हर जगह पे शंभू शंभू शिव का हो
वरना वो जगह बताओ जिस कहीं पे शिव ना हो

धूल वाणी शंखु कर्ण शीश गंग शान हो
सर्व शंखनाद शंख शक्तिमान हो
शांत शक्ति धारी शक्तिनाथ शक्ति चरण हो
शंभू सर्वश्रेष्ठ शाक्त शक्तियों की शरण हो

शिव कृपा से चल रहा है सांस का ये धोकना
शिव का भगत शिव का दास शिव का हूं मैं जोगना

चंद्रभाल चंद्रचूड चंद्रकांत चंद्र हास
चिदानंद चिदकाश चेतना का तू प्रकाश
निरंतन वो चलता चले चेतना की जाल वो
चिंतामणि चंडीनाथ चिन्मई है ज्वाल वो
चारों ओर शिव का नाद शिव का राग चल रहा
माया शिव है काया शिव है नाड़ियों में घुल रहा

भस्म भूत भूतनाथ भूत राजभत है
भद्र वीर भद्र कपिल भद्र है भूत है
बालचंद्र भस्म धर है भोला भयंकर भी है
भव्य भगवान भानु वर्ग भासवर भी है
मस्तक पर चंद्रमा है जटा गंगा धारता
जो गया शरण उसी का भाग्य है समारता

रजत वर्ण राज देव रक्षक ऋतुवंत हो
राज राज राज वीर शुरू और अंत हो
राम दास राम ईश राम भगत राम राज
रुद्र वीर रुद्र अक्ष रुद्रनाथ राम काज
राम जी के राज्य भर में कार्य होगा रूद्र का
सारा विश्व लोक सब समाज होगा रूद्र का

काल है कराल महाकाल कुंद रूप है
कालनाथ है किरात कुशल कीर्ति भूप है
कठिन काल कूट कंठ माल है कमाल है
कामना को काट देख पर बेमिसाल है

Credit the Video : MANMATH BHAKTI YouTube Channel

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