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Mann Tu Hari Bhaj Le Re | मन तू हरी भज ले रे

Mann Tu Hari Bhaj Le Re

Mann Tu Hari Bhaj Le Re | मन तू हरी भज ले रे: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए मन तू हरी भज ले रे भजन के बारे में बात करेंगे। यह भजन भक्ति का सार और जीवन की सरलतम साधना को प्रकट करती है। नामदेव जी कहते हैं जो मन को हरि के नाम में रंग देने से ही जीवन का सारा भ्रम मिट जाता है। यह भजन उसी शांति, प्रेम और अंतर-ज्योति का अनुभव कराता है।

Mann Tu Hari Bhaj Le Re

मन तू हरी भज ले रे

मन तू हरि भज ले रे,
साधे सरल उपाय,
दूर ना मजबूत है हरि,
बस मन खोल बुलाय।

माया झूठी मोह झूठा,
मन को मत भरमाय,
नाम बिना सब धूल समान,
सांची राह बताय,
हरि को अपने भीतर देख,
दीपक मन में जलाय,
नामदेव कहे जो हरि भजे,
वही सांचे सुख पाय,
मन तू हरि भज ले रे,
हरि हीं जग का सार,
मन में हरि बस जाये जब,
कट जाये भव का भार।

पथ में लाखों भ्रम खड़े,
मन को ना डिगाये,
हरि का नाम अमृत समान,
जीवन रंग भराय,
सांस सांस में हरि बसा,
ये सत्य समझाए,
नामदेव की वाणी गाये,
मन हरि में समाये,
मन तू हरि भज ले रे,
हरि हीं जग का सार,
मन में हरि बस जाये जब,
कट जाये भव का भार।

प्रभु के बिना कौन सहारा,
कौन तुझे अपनाये,
हरि हीं माता हरि हीं पिता,
हरि हीं सखा सहाय,
मन दे दे तू हरि को आज,
कल का भरोसा नाय,
नामदेव कहे हरि मिल जाय,
जो भक्ति रस गुनगुनाय,
हरि हीं माता हरि हीं पिता,
हरि हीं सखा सहाय,
मन तू हरि भज ले रे,
हरि हीं भगता सार,
मन में हरि बस जाये जब,
कट जाये भव का भार।

Credit the Video : कबीर संघ YouTube Channel

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