Manojavam Marut Tulya Vegam | मनोजवं मारुततुल्यवेगं | मनोजवम् मारुततुल्यवेगम्: दोस्तों नमस्कार, आज हम आप लोगों को इस पोस्ट के माध्यम से रहस्यमयी हनुमान मंत्र के बारे में बताएँगे। रामरक्षा स्तोत्र से लिए गए इस मंत्र हनुमानजी के प्रति शरणागत होने के लिए दर्शाता है। इस मंत्र का जप करने से हनुमान जी तुरंत उनको अपनी शरण में ले लेते हैं। जो व्यक्ति हनुमान जी का प्रतिदिन ध्यान करते रहते हैं, हनुमान जी उनकी बुद्धि से क्रोध को हटाकर बल का संचार कर देते हैं। तो आइये सुमिरन करते हैं मनोजवम् मारुततुल्यवेगम्:
हनुमान मंत्र मनोजवं मारुततुल्यवेगं
मनोजवं मारुततुल्यवेगं
मनोजवम् मारुततुल्यवेगम्
मनोजवम् मारुततुल्यवेगम् जितेन्द्रियम् बुद्धिमताम् वरिष्ठम्।
वातात्मजम् वानरयूथमुख्यम् श्रीरामदूतम् शरणम् प्रपद्ये॥
Hanuman Mantra
Manojavam Marutatulya Vegam
Manojavam Marut Tulya Vegam
Manojavam Marutatulyavegam
Manojavam Marutatulyavegam
Jitendriyam Buddhimatam Varishtham ।
Vatatmajam Vanarayuthamukhyam
Shriramadutam Sharanam Prapadye ॥
अर्थ: हे मनोहर-जिनका मन के समान गति, वायु के समान वेग, इन्द्रियों को वश में करने वाले, बुद्धिमानो में सर्वश्रेष्ठ, उन पवनपुत्र वानरों में प्रमुख श्रीरामदूत की मैं शरण लेता हूं। हे वायु पुत्र, हे वानर सेनापति, श्री रामदूत हम सभी आपके शरणागत है॥
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