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नई पीढ़ी को प्रेरित करने वाले मुनावर ज़ामा ने कहा – असली जिंदगी पैसे कमाने में नहीं, दूसरों की भलाई में है

मशहूर मोटिवेशनल स्पीकर मुनावर ज़ामा ने हाल ही में एक वर्कशॉप के दौरान युवाओं को जिंदगी के असल मायने समझाए। उन्होंने खासतौर पर टीनएजर्स से अपील की कि वे जवानी में ही सही रास्ता अपनाएं और अपनी जिंदगी का उद्देश्य सिर्फ पैसे और शोहरत से ऊपर रखें।

“जवानी में समझ लो जिंदगी”
मुनावर ज़ामा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “लोग बुढ़ापे में समझते हैं कि जिंदगी क्या है, लेकिन असल में जिंदगी को जवानी में ही समझ लेना चाहिए। जब बाल सफेद होने लगते हैं और हड्डियां कमजोर पड़ जाती हैं, तब हम सोचते हैं कि क्या किया जाए। अगर टीनएजर्स आज ही सही समझ लें, तो वे भविष्य में वर्ल्ड लीडर बन सकते हैं।”

“पैसा और शोहरत से ऊपर जिंदगी है।”
उन्होंने युवाओं को यह भी बताया कि ₹10 करोड़ मिल जाएं तो भी सिर्फ आराम करना जिंदगी का उद्देश्य नहीं है। असली जिंदगी तो बच्चों की परवरिश, नई पीढ़ी का निर्माण, और समाज में अपनी एक पहचान बनाने में है। “माच्योरिटी और कॉन्फिडेंस बढ़ाना, इतिहास रचना, और अपने काम की क्वालिटी को ऊंचा करना यही जिंदगी का असल उद्देश्य है।”

“बड़े ख्वाब और हमदर्दी”
मुनावर ज़ामा ने कहा, “इंजीनियर और डॉक्टर बनने के ख्वाब अच्छे हैं, लेकिन शोहरत पाने के लिए क्रिकेटर या एक्टर बनने की बजाय खुदा से दुआ करो। मोहल्ले की गरीबी देखकर भी गरीबों के लिए हाथ बढ़ाना ही असली हमदर्दी है। यही जिंदगी है।”

“तन्हाई में सोचो”
ज़ामा ने युवाओं को तन्हाई में बैठकर खुद से बात करने और अपनी जिंदगी के बारे में सोचने की सलाह दी। “स्कूलों में ये बातें कम सिखाई जाती हैं। अकेले में बैठकर लाइफ के असली मायने समझो,” उन्होंने कहा।

मुनावर ज़ामा की ट्रेनिंग को यूएस दूतावास और ब्रिटिश हाई कमीशन ने भी सराहा है। उनकी प्रेरक बातें लाखों युवाओं के दिलों को छू चुकी हैं और उन्हें नई दिशा दिखाई है।

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