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Nabho Mudra | नभो मुद्रा | जीभ ऊपर लगाते ही शरीर की उपचार शक्ति चालू

Nabho Mudra

Nabho Mudra Secret | नभो मुद्रा | जीभ ऊपर लगाते ही शरीर की उपचार शक्ति चालू: दोस्तों नमस्कार, आज हम आप लोगों को इस पोस्ट के माध्यम से नभो मुद्रा के बारे में बताएँगे। आज हम आपको एक ऐसी चमत्कारी योग मुद्रा के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपके शरीर की प्राकृतिक हीलिंग प्रक्रिया को सक्रिय करने में मदद करती है। इस मुद्रा को ‘नभो मुद्रा’ कहा जाता है। नियमित अभ्यास से यह शरीर की हीलिंग क्षमता को बढ़ाने और ऊर्जा के प्रवाह को संतुलित करने में सहायक मानी जाती है। भवेद्देशस्य मृत्यु रोग विनाशनी, अर्थात यह जो नभो मुद्रा है आपके रोग और अकाल मृत्यु को भी दूर करने वाली है।

नभो मुद्रा (Nabho Mudra):

हमारा जो शरीर की बनावट खुद से खुद को हील करना अच्छे से जानता है। पैदा से मरते तक यह शरीर हमारे लिए बहुत सारी ऐसी क्रियाएं संपन्न करता, अपने आप को पुनर्निर्माण लगातार करता रहता है। नभो मुद्रा आपके शरीर की हीलिंग प्रोसेस को बढ़ा देती है।इस प्रकार से पुराना प्राण शरीर नष्ट हो कर नया प्राण प्रवाह बनता रहता है। कहा गया है यत्र यत्र स्थितो योगी सर्व कार्यशु सर्वदा हठ योग प्रदीपिका एक योग का ग्रंथ है

कुछ लोग खेचरी मुद्रा को नभो मुद्रा समझने लगते हैं। खेचरी में जीभ जो है पूरी अंदर चली जाती है। नभो मुद्रा में केवल ऊपर टच कर दी। तो हमारे बॉडी के अंदर दो प्राण पथ है। एक डमाई एक रेनमाई। डमाई पीठ के पीछे से प्राण पथ जाता है रीड की हड्डी से होता हुआ सिर से निकलता हुआ और आपका पैेट के ऊपर आकर रुकता है। रेनमाई आगे की तरफ वो आपका होठ के नीचे आकर बंद हो जाता है। यानी यह डमाई और रेनमाई दो प्राण पथ है। इन दो प्राण पथ को, दो सर्किट को नेगेटिव पॉजिटिव को जीभ जोड़ेगा।

आप अपनी जीभ को ऊपर तालू ऊपर टच कर देनी है। तो जीभ जैसे ही टच होती है, यह प्राण पथ अपना काम करना चालू कर देता है। पश्चपथ और अग्रपथ आगे की नाड़ी और पीछे की नाड़ी सक्रिय हो जाती है। इसको लगने मात्र से ब्रह्म रंद्र से होता हुआ ब्रह्मांडीय जो कॉस्मिक एनर्जी है, जो यूनिवर्सल एनर्जी है, वो आपकी बॉडी में आने लगती है। कभी आप बहुत थके हुए हो इस मुद्रा को लगाकर बैठ जाना। आपकी बॉडी 5 मिनट में चार्ज हो जाएगी। खोई हुई प्राणशक्ति तुरंत वापस आ जाएगी। आपकी बॉडी हील होने लगती है।

आराम से ज्ञान मुद्रा में, कोई बिस्तर अथवा चादर बिछा कर,  आंख बंद कर के जमीन पर बैठ जाओ। जीभ ऊपर टच कर के गहरा लंबा श्वास लो और छोड़ो। श्वास अंदर, श्वास बाहर, श्वास अंदर श्वास बाहर। इस प्रकार इस मुद्रा को लगाकर गहरे पांच से आठ लंबे श्वास प्रवास से आप अभ्यास करेंगे तो आपकी बॉडी फुल रिचार्ज हो जाएगी।

इसको लगाने से लार ज्यादा मात्रा में बनती है। लार में 99% पानी होता है, 1% हिस्से में पोटेशियम और सोडियम होता है। इसमें बहुत सारे पोषक तत्व होते हैं, जो आपकी बॉडी को हील करते हैं। इस मुद्रा को 5 मिनट से लेकर और 20 मिनट तक इस मुद्रा का अभ्यास किया जा सकता है। इस मुद्रा को खाली पेट, खाना खाने के आधे घंटे बाद कभी भी की जा सकती है।

नोट : किसी भी बीमारी के पूर्ण उपचार के लिए नभो मुद्रा का अभ्यास शुरू करने से पहले किसी योग्य चिकित्सक या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसका अभ्यास करने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

Disclaimer: Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) वेबसाइट का उद्देश्य किसी की आस्था या भावनाओं को ठेस पहुंचना नहीं है। इस वेबसाइट पर प्रकाशित उपाय, रचना और जानकारी को भिन्न – भिन्न लोगों की मान्यता, जानकारियों के अनुसार और इंटरनेट पर मौजूदा जानकारियों को ध्यान पूर्वक पढ़कर, और शोधन कर लिखा गया है। इस पोस्ट पर दिए गए जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और शैक्षिक उद्देश्य के लिए बनाया गया है। यहां यह बताना जरूरी है कि Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) इसमें चर्चा की गई किसी भी तरह जानकारी, मान्यता, सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की पूर्ण रूप से गारंटी नहीं देते। नभो मुद्रा का अर्थ और महत्व को अमल में लाने से पहले कृपया संबंधित योग्य विशेषज्ञ अथवा पंड़ित की सलाह अवश्य लें। नभो मुद्रा का उच्चारण करना या ना करना आपके विवेक पर निर्भर करता है। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी का उपयोग पूरी तरह से उपयोगकर्ता की अपनी ज़िम्मेदारी पर है। किसी भी प्रकार की हानि, नुकसान, या परिणाम के लिए हम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार नहीं होंगे।

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