Neelambuj Shyaamal Komal Aangam | नीलाम्बुजश्यामलकोमलाङ्गं: दोस्तों नमस्कार, आज हम आप लोगों को इस लेख के माध्यम से नीलाम्बुजश्यामलकोमलाङ्गं के बारे में बताने वाले हैं। यह श्लोक तुलसीदास जी ने श्रीरामचरितमानस में, संस्कृत भाषा में, बड़े ही प्रभावशाली ढंग से प्रभु श्रीराम के चमत्कारी और विस्मय कर देने वाली छवि का वर्णन किया है। जिसमें भगवान का अत्यन्त सुंदर, दिव्य और राजसी मानवरूप चित्र हमारे मन में प्रस्तुत करता है। उनका ऊँचा, श्यामवर्ण, अत्यन्त आकर्षक और तेजस्वी स्वरूप है। उनका सौम्य, मधुर और मनोहर व्यक्तित्व मन को मोह लेता है। उनके बाएँ भाग में विराजमान माता सीता उनकी शोभा को और भी बढ़ाती हैं। उनके हाथों में सुशोभित धनुष और बाण ऐसे प्रतीत होते हैं मानो वे इस अनुपम सौन्दर्य के अतिरिक्त अलंकार हों। हम ऐसे प्रभु से प्रार्थना करते हैं कि वे हमारी इन्द्रियों को नियंत्रित करने और उन्हें सही मार्ग पर रखने में हमारी सहायता करें।
नीलाम्बुजश्यामलकोमलाङ्गं
नीलाम्बुजश्यामलकोमलाङ्गं सीतासमारोपितवामभागम।
पाणौ महासायकचारूचापं, नमामि रामं रघुवंशनाथम॥
Neelambuj Shyaamal Komal Aangam
Neelambuj Shyaamal Komal Aangam Sita Samaro Pita Vaam Bhaagam ।
Paanow Mahasaayak Chaaru Chaapam Namami Ramam Raghuwansh Naatham ॥
भावार्थ:
नील कमल के सामान श्यामल, सुन्दर, सांवले और कोमल अंग वाले। जिन के बाईं ओर सीता माता विराजमान होकर के इस दृश्य को और भी सुशोभित करती है। जिनके दोनों हाथो में अमोघ धनुष और बाण इस प्रिय छवि को और भी निखारते हैं। उन रघुकुल के शिरोमणि को हम नमस्कार करते है।
Credit the Video: H-Spiritual YouTube Channel
Disclaimer: Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) वेबसाइट का उद्देश्य किसी की आस्था या भावनाओं को ठेस पहुंचना नहीं है। इस वेबसाइट पर प्रकाशित उपाय, रचना और जानकारी को भिन्न – भिन्न लोगों की मान्यता, जानकारियों के अनुसार और इंटरनेट पर मौजूदा जानकारियों को ध्यान पूर्वक पढ़कर, और शोधन कर लिखा गया है। इस पोस्ट पर दिए गए जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और शैक्षिक उद्देश्य के लिए बनाया गया है। यहां यह बताना जरूरी है कि Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) इसमें चर्चा की गई किसी भी तरह जानकारी, मान्यता, सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की पूर्ण रूप से गारंटी नहीं देते। नीलाम्बुजश्यामलकोमलाङ्गं का अर्थ और महत्व को अमल में लाने से पहले कृपया संबंधित योग्य विशेषज्ञ अथवा पंड़ित की सलाह अवश्य लें। नीलाम्बुजश्यामलकोमलाङ्गं का उच्चारण करना या ना करना आपके विवेक पर निर्भर करता है। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी का उपयोग पूरी तरह से उपयोगकर्ता की अपनी ज़िम्मेदारी पर है। किसी भी प्रकार की हानि, नुकसान, या परिणाम के लिए हम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार नहीं होंगे।

