Panduranga Gayatri Mantra | पांडुरंग गायत्री मंत्र: दोस्तो नमस्कार, आज हम आप लोगों को इसी पोस्ट के माध्यम से पांडुरंग गायत्री मंत्र के बारे में बताएंगे।
पांडुरंग गायत्री मंत्र
ॐ पाण्डुरङ्गाय विद्महे
भक्तवरदाय धीमहि ।
तन्नो विघ्नः प्रचोदयात् ॥
Pandurang Gayatri Mantra
Om Pandurangaya Vidmahe
Bhaktavaradaya Dhimahi ।
Tanno Vighnah Prachodayat ॥
Credit the Video : Bhaktizone Unplugged YouTube Channel
Disclaimer: Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) वेबसाइट का उद्देश्य किसी की आस्था या भावनाओं को ठेस पहुंचना नहीं है। इस वेबसाइट पर प्रकाशित उपाय, रचना और जानकारी को भिन्न – भिन्न लोगों की मान्यता, जानकारियों के अनुसार और इंटरनेट पर मौजूदा जानकारियों को ध्यान पूर्वक पढ़कर, और शोधन कर लिखा गया है। इस पोस्ट पर दिए गए जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और शैक्षिक उद्देश्य के लिए बनाया गया है। यहां यह बताना जरूरी है कि Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) इसमें चर्चा की गई किसी भी तरह जानकारी, मान्यता, सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की पूर्ण रूप से गारंटी नहीं देते। पांडुरंग गायत्री मंत्र का अर्थ और महत्व को अमल में लाने से पहले कृपया संबंधित योग्य विशेषज्ञ अथवा पंड़ित की सलाह अवश्य लें। पांडुरंग गायत्री मंत्र का उच्चारण करना या ना करना आपके विवेक पर निर्भर करता है। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी का उपयोग पूरी तरह से उपयोगकर्ता की अपनी ज़िम्मेदारी पर है। किसी भी प्रकार की हानि, नुकसान, या परिणाम के लिए हम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार नहीं होंगे।

