Radha Chalisa Lyrics in English | श्री राधा चालीसा – Bhakti Bharat Ki

Radha Chalisa Lyrics in English

Radha Chalisa

Credit the Video: Bhakti Bhajan Mantra by Rahul Pathak YouTube Channel

Radha Chalisa Lyrics in English

॥ Doha ॥

Shri Radhe Vrishabhanujaa, Bhaktani Pranadhaar ।
Vrindavan Vipin Viharini, Pranavo Barambar ॥

Jaiso Taiso Ravarou, Krishna Priya Sukhdham ।
Charan Sharan Nij Dijiye, Sundar Sukhad Lalam ॥

॥ Chaupai ॥

Jai Vrishabhan Kunvari Shri Shyama ।
Kirati Nandini Shobha Dhama ॥ 1 ॥

Nitya Viharini Shyam Adhara ।
Amit Bodh Mangal Datara ॥ 2 ॥

Raas Viharini Ras Vistarini ।
Sahachari Subhag Yuth Man Bhaavani ॥ 3 ॥

Nitya Kishori Radha Gori ।
Shyam Prannadhn Ati Jiya Bhori ॥ 4 ॥

Karuna Sagar Hiya Umangini ।
Lalitadik Sakhiyan Ki Sangani ॥ 5 ॥

Dinkar Kanya Kuul Viharini ।
Krishna Praana Priya Hiy Hulsavani ॥ 6 ॥

Nitya Shyam Tumharo Gun Gave ।
Radha Radha Kahi Harshavahin ॥ 7 ॥

Murali Mein Nit Naam Uchaarein ।
Tum Kaaran Lilaa Vapu Dharein ॥ 8 ॥

Prema Swaroopini Ati Sukumaari ।
Shyam Priya Vrishabhaanu Dulaari ॥ 9 ॥

Navala Kishori Ati Chhavi Dhaamaa ।
Dhyuti Laghu Lagai Koti Rati Kaamaa ॥ 10 ॥

Gourangi Shashi Nindak Vandana ।
Subhag Chapal Aniyaare Naina ॥ 11 ॥

Javak Yuth Yug Pankaj Charanaa ।
Nupur Dhwani Pritam Man Harnaa ॥ 12 ॥

Santata Sahachari Seva Karahi ।
Maha Mod Mangal Man Bharahi ॥ 13 ॥

Rasikan Jeevan Praana Adhaaraa ।
Radha Naam Sakal Sukh Saara ॥ 14 ॥

Agam Agochar Nitya Swaroopa ।
Dhyan Dharat Nishidin Brajabhoopa ॥ 15 ॥

Upjeoo Jaasu Ansh Gun Khaani ।
Kotin Uma Ramaa Brahmaani ॥ 16 ॥

Nitya Dhaam Golok Vihaarini ।
Jan Rakshak Dukh Dosh Nasaavani ॥ 17 ॥

Shiv Aaj Muni Sankaadik Naarad ।
Paar Na Paaye Sesh Aru Shaarad ॥ 18 ॥

Radha Shubh Gun Roopa Ujaari ।
Nirakhi Prasanna Hot Banvaari ॥ 19 ॥

Braj Jeevan Dhan Radha Rani ।
Mahima Amit Na Jaay Bakhaani ॥ 20 ॥

Preetam Sang Diye Gal Baahin ।
Biharata Nit Vrindavan Maahi ॥ 21 ॥

Radha Krishna Krisha Hai Radha ।
Ek Roop Dou Preeti Agaadha ॥ 22 ॥

Shri Radha Mohan Man Harani ।
Jan Sukh Daayak Prafulit Badani ॥ 23 ॥

Kotik Roop Dhare Nand Nanda ।
Darash Karan Hith Gokul Chanda ॥ 24 ॥

Raas Keli Kar Tumhein Rijhaaven ।
Man Karo Jab Ati Dukh Paave ॥ 25 ॥

Prafullit Hoth Darash Jab Paave ।
Vividh Bhaanti Nit Vinay Sunaave ॥ 26 ॥

Vrinda Rannya Viharini Shyama ।
Naam Leth Puran Sab Kaamaa ॥ 27 ॥

Kotin Yagya Tapasya Karahu ।
Vividh Nem Vrat Hiy Mein Dharahu ॥ 28 ॥

Tau Na Shyam Bhaktahi Apanaave ।
Jab Lagi Radha Naam Na Gaave ॥ 29 ॥

Vrinda Vipin Swamini Radha ।
Leela Vapu Tub Amit Agaadhaa ॥ 30 ॥

Swayam Krishna Paavain Nahi Paara ।
Aur Tumhe Ko Jaanan Haara ॥ 31 ॥

Shri Radha Ras Preeti Abheda ।
Saadar Gaan Karat Nit Veda ॥ 32 ॥

Radha Tyagi Krishna Jo bhajihai ।
Te Sapnehu Jag Jaladhi Na Tarihai ॥ 33 ॥

Kirati Kuvari Laadali Radha ।
Sumirat Sakal Mitahi Bhav Baadha ॥ 34 ॥

Naam Amangal Mool Nasaavan ।
Trividh Taap Har Hari Man Bhaavan ॥ 35 ॥

Radha Naam Lei Jo Koi ।
Sahajahi Damodar Bash Hoi ॥ 36 ॥

Radha Naam Param Sukhadaayi ।
Bhajatahin Kripa Karahin Yadurai ॥ 37 ॥

Yashumati Nandan Peeche Phirihain ।
Jo Kouu Radha Naam Sumirihain ॥ 38 ॥

Raas Vihaarini Shyama Pyaari ।
Karshu Kripa Barsaane Vaari ॥ 39 ॥

Vrindavan Hai Sharan Tihaari ।
Jai Jai Jai Vrsihabhaanu Dulari ॥ 40 ॥

॥ Doha ॥

Shri Radha Sarveshwari,
Rasikeshwar Ghanshyam ।
Karahu Nirantar Baas Mai,
Shri Vrindavan Dham ॥

Jai Sri Radhe, Radhe, Radhe
Jai Sri Radhe, Radhe, Radhe
Jai Sri Radhe, Radhe, Radhe

॥ Iti Shri Radha Chalisa ॥

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Radha Chalisa Lyrics in Hindi

श्री राधा चालीसा

॥ दोहा ॥

श्री राधे वृषभानुजा, भक्तनि प्राणाधार ।
वृन्दावनविपिन विहारिणी, प्रणवों बारंबार ॥

जैसो तैसो रावरौ, कृष्ण प्रिया सुखधाम ।
चरण शरण निज दीजिये, सुन्दर सुखद ललाम ॥

॥ चौपाई ॥

जय वृषभान कुँवरि श्री श्यामा ।
कीरति नंदिनि शोभा धामा ॥ १ ॥

नित्य बिहारिनि श्याम अधारा ।
अमित मोद मंगल दातारा ॥ २ ॥

रास विलासिनि रस विस्तारिनी ।
सहचरि सुभग यूथ मन भावनि ॥ ३ ॥

नित्य किशोरी राधा गोरी ।
श्याम प्राणधन अति जिय भोरी ॥ ४ ॥

करुणा सागर हिय उमंगिनि ।
ललितादिक सखियन की संगिनी ॥ ५ ॥

दिन कर कन्या कूल बिहारिनि ।
कृष्ण प्राण प्रिय हिय हुलसावनि ॥ ६ ॥

नित्य श्याम तुमरौ गुण गावें ।
राधा राधा कहि हरषावें ॥ ७ ॥

मुरली में नित नाम उचारे ।
तुम कारण प्रिया वृषभानु दुलारी ॥ ८ ॥

प्रेमा स्वरूपिणी अति सुकुमारी ।
श्याम प्रिय वृषभानु दुलारी ॥ ९ ॥

नवल किशोरी अति छवि धामा ।
द्युति लघु लगै कोटि रति कामा ॥ १० ॥

गौरांगी शशि निंदक बढ़ना ।
सुभग चपल अनियारे नयना ॥ ११ ॥

जावक युग युग पंकज चरना ।
नूपुर धुनि प्रीतम मन हरना ॥ १२ ॥

संतत सहचरि सेवा करहीं ।
महा मोद मंगल मन भरहीं ॥ १३ ॥

रसिकन जीवन प्राण अधारा ।
राधा नाम सकल सुख सारा ॥ १४ ॥

अगम अगोचर नित्य स्वरूपा ।
ध्यान धरत निशदिन ब्रज भूपा ॥ १५ ॥

उपजेउ जासु अंश गुण खानी ।
कोटिन उमा रमा ब्रह्मानी ॥ १६ ॥

नित्यधाम गोलोक विहारिनी ।
जन रक्षक दुख दोष नसावनि ॥ १७ ॥

शिव अज मुनि सनकादिक नारद ।
पार न पायें शेष अरु शारद ॥ १८ ॥

राधा शुभ गुण रूप उजारी ।
निरखि प्रसन्न होत बनवारी ॥ १९ ॥

ब्रज जीवन धन राधा रानी ।
महिमा अमित न जाय बखानी ॥ २० ॥

प्रीतम संग देई गलबाँही ।
बिहरत नित्य वृन्दाबन माँही ॥ २१ ॥

राधा कृष्ण कृष्ण कहैं राधा ।
एक रूप दोउ प्रीति अगाधा ॥ २२ ॥

श्री राधा मोहन मन हरनी ।
जन सुख दायक प्रफुलित बदनी ॥ २३ ॥

कोटिक रूप धरें नंद नन्दा ।
दर्श करन हित गोकुल चन्दा ॥ २४ ॥

रास केलि करि तुम्हें रिझावें ।
मान करौ जब अति दुख पावें ॥ २५ ॥

प्रफुलित होत दर्श जब पावें ।
विविध भाँति नित विनय सुनावें ॥ २६ ॥

वृन्दारण्य बिहारिनि श्यामा ।
नाम लेत पूरण सब कामा ॥ २७ ॥

कोटिन यज्ञ तपस्या करहू ।
विविध नेम व्रत हिय में धरहू ॥ २८ ॥

तऊ न श्याम भक्तहिं अपनावें ।
जब लगि राधा नाम न गावे ॥ २९ ॥

वृन्दाविपिन स्वामिनी राधा ।
लीला बपु तब अमित अगाधा ॥ ३० ॥

स्वयं कृष्ण पावैं नहिं पारा ।
और तुम्हैं को जानन हारा ॥ ३१ ॥

श्री राधा रस प्रीति अभेदा ।
सारद गान करत नित वेदा ॥ ३२ ॥

राधा त्यागि कृष्ण को भेजिहैं ।
ते सपनेहु जग जलधि न तरिहैं ॥ ३३ ॥

कीरति कुँवरि लाड़िली राधा ।
सुमिरत सकल मिटहिं भव बाधा ॥ ३४ ॥

नाम अमंगल मूल नसावन ।
त्रिविध ताप हर हरि मन भावन ॥ ३५ ॥

राधा नाम लेइ जो कोई ।
सहजहि दामोदर बस होई ॥ ३६ ॥

राधा नाम परम सुखदाई ।
भजतहिं कृपा करहिं यदुराई ॥ ३७ ॥

यशुमति नन्दन पीछे फिरिहैं ।
जो कोउ गधा नाम सुमिरिहैं ॥ ३८ ॥

राम विहारिन श्यामा प्यारी ।
करहु कृपा बरसाने वारी ॥ ३९ ॥

वृन्दावन है शरण तिहारौ ।
जय जय जय वृषभानु दुलारी ॥ ४० ॥

॥ दोहा ॥

श्रीराधासर्वेश्वरी ,रसिकेश्वर घनश्याम ।
करहुँ निरंतर बास मैं,श्रीवृन्दावन धाम ॥

॥ इति श्री राधा चालीसा ॥

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