Shyam Sundar Shyam Sundar Radhe | श्याम सुन्दर श्याम सुन्दर राधे: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए श्याम सुन्दर श्याम सुन्दर राधे मंत्र के बारे में बात करेंगे। स्वर्णलता के समान रासविहारिणी राधा रानी और तमाल वृक्ष के समान नवल त्रिभंगी श्यामसुन्दर एक ही प्राण हैं। जो अलौकिक युगल छवि आत्मा और परमात्मा के शाश्वत प्रेम का दिव्य रूप हैं। जो आनंद हैं, वो कहीं और नहीं, वो श्री जी के चरणो में हैं। श्याम सुंदर से मान करके मान मंदिर में बैठी राधा रानी जब भी मान करती है,
श्यामसुन्दर ने राधा रानी जी को मनाने के लिए कभी उनके चरणों में मस्तक रखते हैं। कभी उनको पंखा करते हैं, कभी दर्पण दिखाते हैं और कभी विनती करते हैं। पर जब राधा रानी नहीं मानती हैं, तब श्याम सुन्दर अष्टसखी के पास जाकर नतमस्तक होकर राधा रानी को मनाने मे सहायता के लिए प्रार्थना करते हैं।
श्याम सुन्दर श्याम सुन्दर राधे
श्याम सुन्दर श्याम सुन्दर राधे
श्याम सुन्दर श्याम सुन्दर राधे
श्यामा श्याम सुन्दर राधे
Shyam Sundar Shyam Sundar Radhe
Shyam Sundar Shyam Sundar Radhe
Shyam Sundar Shyam Sundar Radhe
Shyama Shyam Sundar Radhe
Credit the Video : Lofi Devotional YouTube Channel
Disclaimer: Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) वेबसाइट का उद्देश्य किसी की आस्था या भावनाओं को ठेस पहुंचना नहीं है। इस वेबसाइट पर प्रकाशित उपाय, रचना और जानकारी को भिन्न – भिन्न लोगों की मान्यता, जानकारियों के अनुसार और इंटरनेट पर मौजूदा जानकारियों को ध्यान पूर्वक पढ़कर, और शोधन कर लिखा गया है। इस पोस्ट पर दिए गए जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और शैक्षिक उद्देश्य के लिए बनाया गया है। यहां यह बताना जरूरी है कि Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) इसमें चर्चा की गई किसी भी तरह जानकारी, मान्यता, सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की पूर्ण रूप से गारंटी नहीं देते। श्याम सुन्दर श्याम सुन्दर राधे मंत्र का अर्थ और महत्व को अमल में लाने से पहले कृपया संबंधित योग्य विशेषज्ञ अथवा पंड़ित की सलाह अवश्य लें। श्याम सुन्दर श्याम सुन्दर राधे मंत्र का उच्चारण करना या ना करना आपके विवेक पर निर्भर करता है। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी का उपयोग पूरी तरह से उपयोगकर्ता की अपनी ज़िम्मेदारी पर है। किसी भी प्रकार की हानि, नुकसान, या परिणाम के लिए हम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार नहीं होंगे।

