Vakratunda Ganesh Kavacham | श्री वक्रतुण्ड गणेश कवचम् | वक्रतुण्ड गणेश कवच: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए श्री वक्रतुण्ड गणेश कवचम् के बारे में बात करेंगे। हर्षि भृगु द्वारा रचित श्री वक्रतुण्ड गणेश कवचम् एक दिव्य एवं शक्तिशाली तांत्रिक स्तोत्र है। यह श्री वक्रतुण्ड गणेश कवचम् जो अहंकार, ईर्ष्या और सभी प्रकार की बाधाओं का नाश करता है। इस पवित्र स्तोत्र का पाठ प्रत्येक गणेश चतुर्थी के दिन या नियमित रूप से सिंदूर, लाल फूल और दूर्वा अर्पित करके करना चाहिए।
Vakratunda Ganesh Kavacham
Vakratunda Ganesha Kavacham
श्री वक्रतुण्ड गणेश कवचम्
वक्रतुण्ड गणेश कवच
श्री वक्रतुण्ड गणेश कवचम्
मौलिं महेशपुत्रोऽव्याद्भालं पातु विनायकः ।
त्रिनेत्रः पातु मे नेत्रे शूर्पकर्णोऽवतु श्रुती ॥ १ ॥
हेरम्बो रक्षतु घ्राणं मुखं पातु गजाननः ।
जिह्वां पातु गणेशो मे कण्ठं श्रीकण्ठवल्लभः ॥ २ ॥
स्कन्धौ महाबलः पातु विघ्नहा पातु मे भुजौ ।
करौ परशुभृत्पातु हृदयं स्कन्दपूर्वजः ॥ ३ ॥
मध्यं लम्बोदरः पातु नाभिं सिन्दूरभूषितः ।
जघनं पार्वतीपुत्रः सक्थिनी पातु पाशभृत् ॥ ४ ॥
जानुनी जगतां नाथो जङ्घे मूषकवाहनः ।
पादौ पद्मासनः पातु पादाधो दैत्यदर्पहा ॥ ५ ॥
एकदन्तोऽग्रतः पातु पृष्ठे पातु गणाधिपः ।
पार्श्वयोर्मोदकाहारो दिग्विदिक्षु च सिद्धिदः ॥ ६ ॥
व्रजतस्तिष्ठतो वापि जाग्रतः स्वपतोऽश्नतः ।
चतुर्थीवल्लभो देवः पातु मे भुक्तिमुक्तिदः ॥ ७ ॥
फलश्रुतिः ।
इदं पवित्रं स्तोत्रं च चतुर्थ्यां नियतः पठेत् ।
सिन्दूररक्तः कुसुमैर्दूर्वया पूज्य विघ्नपम् ॥ ८ ॥
राजा राजसुतो राजपत्नी मन्त्री कुलं चलम् ।
तस्यावश्यं भवेद्वश्यं विघ्नराजप्रसादतः ॥ ९ ॥
समन्त्रयन्त्रं यः स्तोत्रं करे संलिख्य धारयेत् ।
धनधान्यसमृद्धिः स्यात्तस्य नास्त्यत्र संशयः ॥ १० ॥
मूल मन्त्रः ।
ऐं क्लीं ह्रीं वक्रतुण्डाय हुम् ।
रसलक्षं सदैकाग्र्यः षडङ्गन्यासपूर्वकम् ।
हुत्वा तदन्ते विधिवदष्टद्रव्यं पयो घृतम् ॥ ११ ॥
यं यं काममभिध्यायन् कुरुते कर्म किञ्चन ।
तं तं सर्वमवाप्नोति वक्रतुण्डप्रसादतः ॥ १२ ॥
भृगुप्रणीतं यः स्तोत्रं पठते भुवि मानवः ।
भवेदव्याहतैश्वर्यः स गणेशप्रसादतः ॥ १३ ॥
॥ इति गणेशरक्षाकरं स्तोत्रं समाप्तम् ॥
Credit the Video: DivineEchoVibrations by SaRanga YouTube Channel
Disclaimer: Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) वेबसाइट का उद्देश्य किसी की आस्था या भावनाओं को ठेस पहुंचना नहीं है। इस वेबसाइट पर प्रकाशित उपाय, रचना और जानकारी को भिन्न – भिन्न लोगों की मान्यता, जानकारियों के अनुसार और इंटरनेट पर मौजूदा जानकारियों को ध्यान पूर्वक पढ़कर, और शोधन कर लिखा गया है। इस पोस्ट पर दिए गए जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और शैक्षिक उद्देश्य के लिए बनाया गया है। यहां यह बताना जरूरी है कि Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) इसमें चर्चा की गई किसी भी तरह जानकारी, मान्यता, सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की पूर्ण रूप से गारंटी नहीं देते। श्री वक्रतुण्ड गणेश कवचम् का अर्थ और महत्व को अमल में लाने से पहले कृपया संबंधित योग्य विशेषज्ञ अथवा पंड़ित की सलाह अवश्य लें। श्री वक्रतुण्ड गणेश कवचम् का उच्चारण करना या ना करना आपके विवेक पर निर्भर करता है। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी का उपयोग पूरी तरह से उपयोगकर्ता की अपनी ज़िम्मेदारी पर है। किसी भी प्रकार की हानि, नुकसान, या परिणाम के लिए हम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार नहीं होंगे।

