Vakratunda Mahakaya | Vakra Tunndda Maha Kaaya | वक्रतुंड महाकाय: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए वक्रतुंड महाकाय के बारे में बात करेंगे। यह श्लोक भगवान गणेश को विघ्नहर्ता अर्थात् सभी बाधाओं को दूर करने
वाले देवता तथा शुभारंभ के देवता के रूप में पूजा जाता है। ऐसी मान्यता है कि किसी भी नए कार्य के आरंभ में इस श्लोक से
भगवान गणेश का स्मरण करने से बाधाएँ दूर होती हैं।
Vakratunda Mahakaya
वक्रतुंड महाकाय
गणपती महामंत्र
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥
Vakra Tunndda Maha Kaaya
Vakra Tunndda Maha Kaaya Suurya Kotti Samaprabha ।
Nirvighnam Kuru Me Deva Sarva-Kaaryessu Sarvadaa ॥
अर्थ: हे वक्रतुण्ड, विशाल स्वरूप वाले प्रभु, जिनका तेज करोड़ों सूर्यों के समान दिव्य और प्रकाशमय है। हे प्रभु, मुझे ऐसा आशीर्वाद प्रदान करें, मेरे सभी कार्यों में कभी भी कोई विघ्न या बाधा उत्पन्न न हो।
वक्रतुण्ड (vakratuṇḍa): curved trunk (vakra:curved | tuṇḍa:trunk);
महाकाय (mahākāya): large body (mahā:large | kāya:body);
सूर्यकोटि (sūryakoṭi): million suns (sūrya:sun | koṭi:million);
समप्रभ (samaprabha): equal splendour (sama:equal | prabha:splendour);
निर्विघ्नं (nirvighnaṃ): without obstacles;
कुरु (kuru): do;
मे (me): my;
देव (deva): O Lord;
सर्वकार्येषु (sarvakāryeṣu): in all undertakings (sarva:all | kāryeṣu:in undertakings);
सर्वदा (sarvadā): always
Credit the Video : Bhakti Bharat Ki YouTube Channel
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