Gaiye Ganpati Jagvandan | गाइये गणपति जगवंदन: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए गाइये गणपति जगवंदन के बारे में बात करेंगे। संपूर्ण जगत् के वंदनीय, गुणों के स्वामी हैं, जो शिव-पार्वती के पुत्र श्री गणेश जी का गुणगान कीजिए।
जो सिद्धियों के स्थान हैं, जिनका हाथी का-सा मुख है, जो समस्त विघ्नों के नायक हैं। जो कृपा के समुद्र हैं, सुंदर है, सब प्रकार से योग्य हैं। जो आनंद और कल्याण को देने वाले हैं, विद्या और बुद्धि के विधाता हैं। श्री गणेश से यह तुलसीदास हाथ जोड़कर केवल यही वर माँगता है कि मन मंदिर में श्री सीता राम जी सदा निवास करें।
Gaiye Ganpati Jagvandan
गाइये गणपति जगवंदन
गाइये गणपति जगवंदन ।
शंकर सुवन भवानी के नंदन ॥
सिद्धि सदन गजवदन विनायक ।
कृपा सिंधु सुंदर सब लायक ॥
गाइये गणपति जगवंदन ।
शंकर सुवन भवानी के नंदन ॥
मोदक प्रिय मुद मंगल दाता ।
विद्या बारिधि बुद्धि विधाता ॥
गाइये गणपति जगवंदन ।
शंकर सुवन भवानी के नंदन ॥
मांगत तुलसीदास कर जोरे ।
बसहिं रामसिय मानस मोरे ॥
गाइये गणपति जगवंदन ।
शंकर सुवन भवानी के नंदन ॥
स्रोत:
पुस्तक: विनय-पत्रिका (पृष्ठ 11)
रचनाकार: तुलसी
प्रकाशन: गीताप्रेस
संस्करण: 1998
Credit the Video : Zee Music Devotional YouTube Channel
Disclaimer: Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) वेबसाइट का उद्देश्य किसी की आस्था या भावनाओं को ठेस पहुंचना नहीं है। इस वेबसाइट पर प्रकाशित उपाय, रचना और जानकारी को भिन्न – भिन्न लोगों की मान्यता, जानकारियों के अनुसार और इंटरनेट पर मौजूदा जानकारियों को ध्यान पूर्वक पढ़कर, और शोधन कर लिखा गया है। इस पोस्ट पर दिए गए जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और शैक्षिक उद्देश्य के लिए बनाया गया है। यहां यह बताना जरूरी है कि Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) इसमें चर्चा की गई किसी भी तरह जानकारी, मान्यता, सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की पूर्ण रूप से गारंटी नहीं देते। गाइये गणपति जगवंदन का अर्थ और महत्व को अमल में लाने से पहले कृपया संबंधित योग्य विशेषज्ञ अथवा पंड़ित की सलाह अवश्य लें। गाइये गणपति जगवंदन का उच्चारण करना या ना करना आपके विवेक पर निर्भर करता है। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी का उपयोग पूरी तरह से उपयोगकर्ता की अपनी ज़िम्मेदारी पर है। किसी भी प्रकार की हानि, नुकसान, या परिणाम के लिए हम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार नहीं होंगे।
