Divya Kalash | नवरात्रि में नवग्रहों की शांति के लिए दिव्य कलश की स्थापना: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए नवरात्रि में नवग्रहों की शांति के लिए दिव्य कलश की स्थापना के बारे में बात करेंगे। भारतीय पूजा परंपरा में नवरात्रि के पावन पर्व में दिव्य कलश को श्रद्धा और शुभता का प्रतीक माना जाता है। इसके साथ दिव्य कलश के अंदर गंगाजल, सुपारी और एक सिक्का रखना शुभ माना जाता है। सबसे पहले कलश पर मौली बांधें, कलश के ऊपर आम के पत्ते औरनारियल में सिंदूर लगा के कलश को स्थापित करें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में दिव्य कलश स्थापना के समय नवग्रहों की शांति के लिए, नौ प्रकार के अनाज डालने की परंपरा है। नवग्रहों की शांति के लिए यह नौ प्रकार के अनाज, सूर्या के लिए गेहूं, चंद्रमा के लिए अक्षत, मंगल के लिए मसूर दाल, बुध के लिए तीन इलायची, गुरु के लिए हल्दी, शुक्र के लिए गाय का घी, शनि के लिए लौंग, राहु के लिए जौ और केतु के लिए तिल डाले जाते हैं। वहीं से माता रानी के आगमन की शुरुआत होती है। मान्यता है कि इस विधि से कलश स्थापना करने पर घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, माता देवी दुर्गा की आशीर्वाद प्राप्त होता है। नवरात्रि पूरी होने पर मेरे पवित्र जल को पूरे घर में छिड़क देना। घर में सुख, समृद्धि और शांति का वास होगा।
Divya Kalash
नवरात्रि में दिव्य कलश की स्थापना
नवग्रहों की शांति के लिए दिव्य कलश की स्थापना
सूर्य (Sun) के लिए: गेहूं,
चंद्रमा (Moon) के लिए: अक्षत,
मंगल (Mars) के लिए: मसूर दाल,
बुध (Mercury) के लिए: तीन इलायची,
बृहस्पति (Jupiter) के लिए: थोड़ी सी हल्दी,
शुक्र (Venus) के लिए: गाय का घी,
शनि (Saturn) के लिए: लौंग,
राहु (Rahu) के लिए: जौ,
केतु (Ketu) के लिए: तिल
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