November 4, 2026
Bhajan

Dhool Mathe Lagai Tilak Ho Gaya | धूल माथे लगाई तिलक हो गया

Dhool Mathe Lagai Tilak Ho Gaya

Dhool Mathe Lagai Tilak Ho Gaya | धूल माथे लगाई तिलक हो गया: दोस्तो नमस्कार, आज हम आप लोगों को इसी पोस्ट के माध्यम से धूल माथे लगाई तिलक हो गया के बारे में बताएंगे। धूल माथे लगाई तिलक हो गया, भस्म तन पर रमी ये असर हो गया, काल का भय मिटा मैं अमर हो गया, शिव से मिलकर के मैं शिव हो गया।

Dhool Mathe Lagai Tilak Ho Gaya

धूल माथे लगाई तिलक हो गया

धूल माथे लगाई तिलक हो गया
टूटा सारा भरम मन सरल हो गया
मौन मेरा यहाँ प्रार्थना बन गया
दर्द को स्वर मिला तो भजन हो गया

भस्म तन पर रमी ये असर हो गया
काल का भय मिटा मैं अमर हो गया
साँस की लौ जो ईश्वर से जा मिली
शिव से मिलकर के मैं शिव हो गया

घाट की सीढ़ियों पर नमन हो गया
भस्म की आरती में मगन हो गया
राख जलती चिता की जो माथे लगी
मृत्यु का भी वहीं पर हवन हो गया

भस्म तन पर रमी ये असर हो गया
काल का भय मिटा मैं अमर हो गया
साँस की लौ जो ईश्वर से जा मिली
शिव से मिलकर के मैं शिव हो गया

डम डमा डम बजा, मन गगन हो गया
बंद पलकों में शिव का दरस हो गया
धार गंगा की जो उन जटाओं में थी
आँख का नीर ही आचमन हो गया

भस्म तन पर रमी ये असर हो गया
काल का भय मिटा मैं अमर हो गया
साँस की लौ जो ईश्वर से जा मिली
शिव से मिलकर के मैं शिव हो गया

मैं जिसे “मैं” कहूँ, वो दहन हो गया
दूर कैलाश था, अब निकट हो गया
जिसको ढूँढा किया उम्र भर दर-ब-दर
वो मेरे ही हृदय में प्रकट हो गया

भस्म तन पर रमी ये असर हो गया
काल का भय मिटा मैं अमर हो गया
साँस की लौ जो ईश्वर से जा मिली
शिव से मिलकर के मैं शिव हो गया

साँस की लौ जो ईश्वर से जा मिली
शिव से मिलकर के मैं शिव हो गया

Credit the Video : ShivRaga AI Studio YouTube Channel

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