Blogबदलाव की पुकार: कैसे एक गाँव ने भ्रष्टाचार और अन्याय को हरायाBimal Kumar DashAugust 25, 2025 by Bimal Kumar DashAugust 25, 202501118 यह श्लोक भगवद गीता के 1.15 श्लोक से लिया गया है। इसमें भगवान श्री कृष्ण अपने कर्णधार पाञ्चजन्य शंख की ध्वनि करते हैं। इसके बाद...
Blogभगवद गीता श्लोक 11: समाज के हर सदस्य की भूमिका और कर्तव्यBimal Kumar DashAugust 12, 2025 by Bimal Kumar DashAugust 12, 202501117 एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में दो मित्र रहते थे – सूरज और राधा। दोनों बचपन से ही एक-दूसरे के बहुत...