Skandpuranokt Shree Shiv Stuti | स्कंदकृत शिव स्तुति | स्कन्दकृत शिव स्तुति | स्कन्दपुराणोक्त श्री शिव स्तुति: दोस्तो नमस्कार, आज हम आप लोगों को इसी पोस्ट के माध्यम से स्कन्दपुराणोक्त श्री शिव स्तुति के बारे में बताएंगे। स्कन्द मुनि की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान् शिव ने कहा कि हे मुनि, जो लोग सायंकाल और प्रातःकाल श्रद्धाभक्ति पूर्वक तुम्हारे द्वारा कही गई इस स्तुति से मेरा स्तवन करेंगे उन्हें अभीष्ट फल की प्राप्ति होगा। समस्त प्रकार के रोग-शोक और दरिद्रता से मुक्ति प्राप्त होगी।
Skandpuranokt Shree Shiv Stuti
स्कंदकृत शिव स्तुति
स्कन्दकृत शिव स्तुति
स्कन्दपुराणोक्त श्री शिव स्तुति
॥ अथ श्रीस्कन्दमहापुराणे कुमारिकाखण्डे शिवस्तुति: ॥
स्कन्द उवाच
नमः शिवायास्तु निरामयाय नमः शिवायास्तु मनोमयाय ।
नमः शिवायास्तु सुरार्चिताय तुभ्यं सदा भक्तकृपापराय ॥ १ ॥
नमो भवायास्तु भवोद्भवाय नमोऽस्तु ते ध्वस्तमनोभवाय ।
नमोऽस्तु ते गूढमहाव्रताय नमोऽस्तु मायागहनाश्रयाय॥२॥
नमोऽस्तु शर्वाय नमः शिवाय नमोऽस्तु सिद्धाय पुरातनाय ।
नमोऽस्तु कालाय नमः कलाय नमोऽस्तु ते कालकलातिगाय ॥३॥
नमो निसर्गात्मक भूतिकाय नमोऽस्त्वमेयोक्षमहर्द्धिकाय ।
नमः शरण्याय नमोऽगुणाय नमोऽस्तु ते भीमगुणानुगाय ॥ ४ ॥
नमोऽस्तु नानाभुवनाधिकर्त्रे नमोऽस्तु भक्ताभिमतप्रदात्रे ।
नमोऽस्तु कर्मप्रसवाय धात्रे नमः सदा ते भगवन् सुकर्त्रे ॥ ५ ॥
अनन्तरूपाय सदैव तुभ्यमसह्यकोपाय सदैव तुभ्यम्।
अमेयमानाय नमोऽस्तु तुभ्यं वृषेन्द्रयानाय नमोऽस्तु तुभ्यम्॥६॥
नमः प्रसिद्धाय महौषधाय नमोऽस्तु ते व्याधिगणापहाय ।
चराचरायाथ विचारदाय कुमारनाथाय नमः शिवाय ॥ ७ ॥
ममेश भूतेश महेश्वरोऽसि कामेश वागीश बलेश धीश ।
क्रोधेश मोहेश परापरेश नमोऽस्तु मोक्षेश गुहाशयेश ॥ ८ ॥
शिव उवाच
ये च सायं तथा प्रातस्त्वत्कृतेन स्तवेन माम् ।
स्तोष्यन्ति परया भक्त्या शृणु तेषां च यत्फलम् ॥ ९ ॥
न व्याधिर्न च दारिद्र्यं न चैवेष्टवियोजनम् ।
भुक्त्वा भोगान् दुर्लभांश्च मम यास्यन्ति सद्म ते ॥ १० ॥
॥ इति श्रीस्कन्दमहापुराणे कुमारिकाखण्डे शिवस्तुति: सम्पूर्णा ॥
Credit the Video : BalRam Pandey Sanskrit YouTube Channel
Disclaimer: Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) वेबसाइट का उद्देश्य किसी की आस्था या भावनाओं को ठेस पहुंचना नहीं है। इस वेबसाइट पर प्रकाशित उपाय, रचना और जानकारी को भिन्न – भिन्न लोगों की मान्यता, जानकारियों के अनुसार और इंटरनेट पर मौजूदा जानकारियों को ध्यान पूर्वक पढ़कर, और शोधन कर लिखा गया है। इस पोस्ट पर दिए गए जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और शैक्षिक उद्देश्य के लिए बनाया गया है। यहां यह बताना जरूरी है कि Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) इसमें चर्चा की गई किसी भी तरह जानकारी, मान्यता, सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की पूर्ण रूप से गारंटी नहीं देते। स्कन्दपुराणोक्त श्री शिव स्तुति का अर्थ और महत्व को अमल में लाने से पहले कृपया संबंधित योग्य विशेषज्ञ अथवा पंड़ित की सलाह अवश्य लें। स्कन्दपुराणोक्त श्री शिव स्तुति का उच्चारण करना या ना करना आपके विवेक पर निर्भर करता है। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी का उपयोग पूरी तरह से उपयोगकर्ता की अपनी ज़िम्मेदारी पर है। किसी भी प्रकार की हानि, नुकसान, या परिणाम के लिए हम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार नहीं होंगे।
