28.1 C
Bhubaneswar
August 31, 2026
Stotram

Nakshatra Shanti Stotram | नक्षत्रशान्तिस्तोत्रम् | नक्षत्र शान्ति स्तोत्र

Nakshatra Shanti Stotram

Nakshatra Shanti Stotram | नक्षत्रशान्तिस्तोत्रम् | नक्षत्र शान्ति स्तोत्र: दोस्तो नमस्कार, आज हम आप लोगों को इसी पोस्ट के माध्यम से नक्षत्र शान्ति स्तोत्र के बारे में बताएंगे। जन्म लेने वाले जातक के जीवन पर चंद्रमा के बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है।
यह दृष्टिकोण, व्यक्तित्व, शारीरिक बनावट और भविष्य को प्रभावित करता है। ग्रहों की शांति के लिए नक्षत्र शान्ति स्तोत्र का पाठ जीवन में सकारात्मकता लाता है।

Nakshatra Shanti Stotram

नक्षत्रशान्तिस्तोत्रम्न

क्षत्र शान्ति स्तोत्र

कृत्तिका परमा देवी रोहिणी रुचिरानना ॥ १॥

श्रीमान् मृगशिरा भद्रा आर्द्रा च परमोज्ज्वला ।
पुनर्वसुस्तथा पुष्य आश्लेषाऽथ महाबला ॥ २॥

नक्षत्रमातरो ह्येताः प्रभामालाविभूषिताः ।
महादेवाऽर्चने शक्ता महादेवाऽनुभावितः ॥ ३॥

पूर्वभागे स्थिता ह्येताः शान्तिं कुर्वन्तु मे सदा ।
मघा सर्वगुणोपेता पूर्वा चैव तु फाल्गुनी ॥ ४॥

उत्तरा फाल्गुनी श्रेष्ठा हस्ता चित्रा तथोत्तमा ।
स्वाती विशाखा वरदा दक्षिणस्थानसंस्थिताः ॥ ५॥

अर्चयन्ति सदाकालं देवं त्रिभुवनेश्वरम् ।
नक्षत्रमातरो ह्येतास्तेजसापरिभूषिताः ॥ ६॥

ममाऽपि शान्तिकं नित्यं कुर्वन्तु शिवचोदिताः ।
अनुराधा तथा ज्येष्ठा मूलमृद्धिबलान्वितम् ॥ ७॥

पूर्वाषाढा महावीर्या आषाढा चोत्तरा शुभा ।
अभिजिन्नाम नक्षत्रं श्रवणः परमोज्ज्वलः ॥ ८॥

एताः पश्चिमतो दीप्ता राजन्ते राजमूर्तयः ।
ईशानं पूजयन्त्येताः सर्वकालं शुभाऽन्विताः ॥ ९॥

मम शान्तिं प्रकुर्वन्तु विभूतिभिः समन्विताः ।
धनिष्ठा शतभिषा च पूर्वाभाद्रपदा तथा ॥ १०॥

उत्तराभाद्ररेवत्यावश्विनी च महर्धिका ।
भरणी च महावीर्या नित्यमुत्तरतः स्थिताः ॥ ११॥

शिवार्चनपरा नित्यं शिवध्यानैकमानसाः ।
शान्तिं कुर्वन्तु मे नित्यं सर्वकालं शुभोदयाः ॥ १२॥

॥ इति नक्षत्रशान्तिस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥

Credit the Video : Ravi Guruji YouTube Channel

Disclaimer: Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) वेबसाइट का उद्देश्य किसी की आस्था या भावनाओं को ठेस पहुंचना नहीं है। इस वेबसाइट पर प्रकाशित उपाय, रचना और जानकारी को भिन्न – भिन्न लोगों की मान्यता, जानकारियों के अनुसार और इंटरनेट पर मौजूदा जानकारियों को ध्यान पूर्वक पढ़कर, और शोधन कर लिखा गया है। इस पोस्ट पर दिए गए जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और शैक्षिक उद्देश्य के लिए बनाया गया है। यहां यह बताना जरूरी है कि Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) इसमें चर्चा की गई किसी भी तरह जानकारी, मान्यता, सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की पूर्ण रूप से गारंटी नहीं देते। नक्षत्र शान्ति स्तोत्र का अर्थ और महत्व को अमल में लाने से पहले कृपया संबंधित योग्य विशेषज्ञ अथवा पंड़ित की सलाह अवश्य लें। नक्षत्र शान्ति स्तोत्र का उच्चारण करना या ना करना आपके विवेक पर निर्भर करता है। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी का उपयोग पूरी तरह से उपयोगकर्ता की अपनी ज़िम्मेदारी पर है। किसी भी प्रकार की हानि, नुकसान, या परिणाम के लिए हम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार नहीं होंगे।

Facebook
Instagram
YouTube

Related posts

Shiv Swarnamala Stuti | Shiva Swarnamala Stuti | शिव स्वर्णमाला स्तुति

Bimal Kumar Dash

Pranamya Shirasa Devam | प्रणम्य शिरसा देवं | प्राणम्य शिरसा देवम

bbkbbsr24

Mahishasura Mardini Stotram | Aigiri Nandini | अयि गिरिनन्दिनि | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम्

bbkbbsr24

Leave a Comment