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April 16, 2026
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Aanrusshamsyam Anukroshah Shrutam Sheelam Damah Shamah | आनृशंस्यमनुक्रोशः

Aanrusshamsyam Anukroshah

Aanrusshamsyam Anukroshah Shrutam Sheelam Damah Shamah | आनृशंस्यमनुक्रोशः: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए आनृशंस्यमनुक्रोशः श्रुतं शीलं दमः शमः (Aanrusshamsyam Anukroshah Shrutam Sheelam Damah Shamah) के बारे में बात करेंगे। सभी जीवों के प्रति दया करना सर्वोच्च नैतिक कर्तव्य है, जैसा कि शास्त्रों में बताया गया है। इसलिए किसी भी देश के शासकों का यह प्रथम कर्तव्य है कि वे अपने देश के गरीब और जरूरतमंद लोगों की उचित देखभाल करें।

Aanrusshamsyam Anukroshah

Aanrusshamsyam Anukroshah
Shrutam Sheelam Damah Shamah।
Raaghava Shobhayantyete
Shadgunaah Purushottamam॥

आनृशंस्यमनुक्रोशः

आनृशंस्यमनुक्रोशः श्रुतं शीलं दमः शमः।
राघव शोभयन्त्येते षड्गुणाः पुरुषोत्तमं॥

अर्थ: दयालुता, करुणा, विदवत्ता, सच्चरित्रता, आत्मा संयम, शान्त स्वभाव, ये छह गुण हैं, जो भगवान राम को हमेशा सुशोभित करते हैं।

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