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April 29, 2026
Mantra

Akhanda Mandalakaram | गुरूर्ब्रह्मा गुरूर्विष्णुः

Guru Brahma Guru Vishnu

Akhanda Mandalakaram | गुरूर्ब्रह्मा गुरूर्विष्णुः: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए गुरूर्ब्रह्मा गुरूर्विष्णुः मंत्र के बारे में बात करेंगे।

गुरूर्ब्रह्मा गुरूर्विष्णुः

गुरूर्ब्रह्मा गुरूर्विष्णुः गुरूर्देवो महेश्वरः ।
गुरूर्साक्षात परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ll

ध्यानमूलं गुरोर्मूर्तिः पूजामूलं गुरोः पदम् ।
मंत्रमूलं गुरोर्वाक्यं मोक्षमूलं गुरोः कृपा ll

अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरम् ।
तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ll

त्वमेव माता च पिता त्वमेव त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव ।
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव त्वमेव सर्वं मम देव देव ll

ब्रह्मानन्दं परमसुखदं केवलं ज्ञानमूर्तिं ।
द्वन्द्वातीतं गगनसदृशं तत्त्वमस्यादिलक्ष्यम् ll

एकं नित्यं विमलमचलं सर्वधीसाक्षिभूतं ।
भावातीतं त्रिगुणरहितं सदगुरूं तं नमामि ll

। ॐ श्री गुरवे नमः ।

अर्थ: गुरु ही ब्रह्मा हैं, गुरु ही विष्णु हैं। गुरुदेव ही शिव हैं और गुरुदेव ही साक्षात् आदिब्रह्म हैं। मैं उन गुरुदेव को प्रणाम करता हूँ।

अर्थ: ध्यान का मूल गुरु की मूर्ति है, पूजा का मूल गुरु के चरण हैं, गुरुदेव के मुख से निकले वचन मंत्रों का आधार हैं और गुरु की कृपा ही मोक्ष का द्वार है।

अर्थ: जो परमपिता समस्त जड़ और चेतन जगत में व्याप्त हैं, उनके पवित्र चरणों का दर्शन करके मैं उन्हें प्रणाम करता हूँ।

अर्थ: आप ही माता हैं, आप ही पिता हैं, आप ही बंधु हैं, आप ही सखा हैं, आप ही ज्ञान हैं, आप ही धन हैं। हे देवों के देव! सद्गुरुदेव! आप ही मेरे सब कुछ हैं।

अर्थ: जो समस्त संसार के आनंद स्वरूप हैं, जो परम सुख देने वाले हैं, जो केवल ज्ञान स्वरूप हैं, जो सुख-दुःख, शीत-उष्ण आदि द्वंद्वों से रहित हैं, जो आकाश के समान सूक्ष्म और सर्वव्यापक हैं, जो “तत्त्वमसि” जैसे महावाक्यों के लक्ष्य हैं, ऐसे नित्य, निर्मल, अचल, समस्त बुद्धियों के साक्षी तथा सत्त्व, रज और तम तीनों गुणों से रहित श्री सद्गुरुदेव को मैं प्रणाम करता हूँ।

Akhanda Mandalakaram

Guru Brahma Guru Vishnu

Gurur Brahma Gurur Vishnu, Gurur Devo Maheshwarah ।
Guru Sakshata Parabrahma, Tasmai Shri Guruve Namah ll

Dhyan Mool Gurumurti, Puja Moolam Guru Padam ।
Mantra Moolam Gurorvakyam, Mokshamoolam Guru Krupa ll

Akhandamandalakaram Bayaptya Yen Characharam
Tatpadam Darshitam Yen Tasmai Shri Guruve Namah ll

Twamev Maata Ch Pita Twamev, Twamev Bandhushch Sakha Twamev ।
Twamev Vidya Dravidam Twamev, Twamev Sarvam Mam Dev Dev ll

Brahamanandam, Paramsukhdam, Kevalam Gyanmurtim ।
Dwandatitam Gagansadrisham, Tatwa Masyadilaksham ll

Ekam Nityam Vimalmachlam Sarvadhisaakshi Bhootam ।
Bhavatetam Trigunarahitam Sadgurumtam Namaami ll

। Om Sree Gurave Namaha ।

ଗୁରୁର୍ବ୍ରହ୍ମା ଗୁରୁର୍ବିଷ୍ଣୁ

ଗୁରୁର୍ବ୍ରହ୍ମା ଗୁରୁର୍ବିଷ୍ଣୁ ଗୁରୁର୍ଦେବୋ ମହେଶ୍ୱରଃ ।
ଗୁରୁର୍ସାକ୍ଷାତ୍ ପରମ୍ ବ୍ରହ୍ମ ତସ୍ମୈ ଶ୍ରୀ ଗୁରବେ ନମଃ ll

ଧ୍ୟାନମୂଳଂ ଗୁରୋର୍ମୂର୍ତ୍ତିଃ ପୂଜାମୂଳଂ ଗୁରୋଃ ପଦମ୍ ।
ମନ୍ତ୍ରମୂଳଂ ଗୁରୋର୍ବାକ୍ୟଂ ମୋକ୍ଷମୂଳଂ ଗୁରୋଃ କୃପା ll

ଅଖଣ୍ଡ ମଣ୍ଡଳାକାରଂ ବ୍ୟାପ୍ତଂ ୟେନ ଚରାଚରମ୍ ।
ତତ୍‌ପଦଂ ଦର୍ଶିତଂ ୟେନ ତସ୍ମୈ ଶ୍ରୀ ଗୁରୁବେ ନମଃ ll

ତ୍ୱମେବ ମାତା ଚ ପିତା ତ୍ବମେବ ତ୍ବମେବ ବନ୍ଧୁଶ୍ଚ ସଖା ତ୍ୱମେବ ।
ତ୍ୱମେବ ବିଦ୍ୟା ଦ୍ରବିଣଂ ତ୍ୱମେବ ତ୍ବମେବ ସର୍ବଂ ମମ ଦେବ ଦେବ ll

ବ୍ରହ୍ମାନନ୍ଦଂ ପରମସୁଖଦଂ କେବଲଂ ଜ୍ଞାନ ମୂର୍ତ୍ତିମ୍ ।
ଦ୍ବନ୍ଦ୍ଵାତୀତଂ ଗଗନ ସଦୃଶଂ ତତ୍ତ୍ବମସ୍ୟାଦି ଲକ୍ଷ୍ୟମ୍ ll

ଏକଂ ନିତ୍ୟଂ ବିମଲମଚଲଂ ସର୍ବାଧୀସାକ୍ଷିଭୂତମ୍ ।
ଭାବାତୀତଂ ତ୍ରିଗୁଣରହିତଂ ସଦ୍‌ଗୁରୁଂ ତଂ ନମାମି ll

। ଓମ ଶ୍ରୀ ଗୁରବେ ନମଃ ।

ଅର୍ଥ: ଗୁରୁ ହେଉଛନ୍ତି ବ୍ରହ୍ମା, ଗୁରୁ ହେଉଛନ୍ତି ବିଷ୍ଣୁ | ଗୁରୁଦେବ ହେଉଛନ୍ତି ଶିବ ଏବଂ ଗୁରୁଦେବ ହେଉଛନ୍ତି ପ୍ରକୃତ ରୂପରେ ଆଦିବ୍ରହ୍ମା | ମୁଁ ସେହି ଗୁରୁଦେବଙ୍କୁ ପ୍ରଣାମ କରେ |
ଅର୍ଥ: ଧ୍ୟାନର ଆଧାର ହେଉଛି ଗୁରୁଙ୍କ ପ୍ରତିମୂର୍ତ୍ତି, ପୂଜାର ମୂଳ ହେଉଛି ଗୁରୁଙ୍କ ପାଦ, ଗୁରୁଦେବଙ୍କ ମୁଖରୁ ଉତ୍ପନ୍ନ ଶବ୍ଦଗୁଡ଼ିକ ମନ୍ତ୍ରର ଆଧାର ଏବଂ ଗୁରୁଙ୍କ କୃପା ପରିତ୍ରାଣର ଦ୍ୱାର ଅଟେ।
ଅର୍ଥ: ଯିଏ ସାରା ବ୍ରହ୍ମାଣ୍ଡରେ ଜଡ ଓ ଚେତନ ସବୁଠାରେ ବିସ୍ତାର କରିଛନ୍ତି, ସେହି ପରମ ପିତାଙ୍କ ପବିତ୍ର ପାଦକୁ ଦେଖି ମୁଁ ତାଙ୍କୁ ପ୍ରଣାମ କରେ ।
ଅର୍ଥ: ତୁମେ ହି ମାତା, ତୁମେ ହି ପିତା, ତୁମେ ହି ବନ୍ଧୁ, ତୁମେ ହି ସଖା, ତୁମେ ହି ଜ୍ଞାନ, ତୁମେ ହି ଧନ । ହେ ଦେବଗଣର ପରମେଶ୍ୱର ! ସାଦଗୁରୁଦେବ ! ତୁମେ ହି ମୋର ସବୁକିଛି ।
ଅର୍ଥ: ଯିଏ ବ୍ରହ୍ମାଣ୍ଡର ଆନନ୍ଦ ସ୍ୱରୂପ, ଯିଏ ପରମ ସୁଖ ​​ପ୍ରଦାନ କରନ୍ତି, ଯିଏ କେବଳ ଜ୍ଞାନସ୍ୱରୂପ, (ସୁଖ-ଦୁଖ, ଶୀତ-ଉତ୍ତାପ ଇତ୍ୟାଦିରୁ) ଯିଏ ମୁକ୍ତ, ଯିଏ ଆକାଶ ସମାନ ସୂକ୍ଷ୍ମ ଏବଂ ସର୍ବବ୍ୟାପ୍ତ, ଯିଏ ତତ୍ୱମସୀ, ଯିଏ ଅନନ୍ତ, ଯିଏ ସମସ୍ତ ବୁଦ୍ଧିଜୀବୀଙ୍କ ସାକ୍ଷୀ, ଯିଏ ସତ୍ୟ, ରଜ ଏବଂ ତମ ସମସ୍ତରୁ ବଞ୍ଚିତ, ମୁଁ ଶ୍ରୀ ସାଦଗୁରୁଦେବଙ୍କୁ ପ୍ରଣାମ କରେ ।

Credit the Video: Rajshri Soul by Sanjeevani Bhelande YouTube Channel

Credit the Video: Sant Shri Asharamji Bapu YouTube Channel

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