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February 6, 2026
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सुबह की साधना से संपूर्ण सुख: बीके शिवानी की प्रेरणादायक बातें

बीके शिवानी कहती हैं कि सुबह और रात को सोने से पहले नकारात्मक खबरें देखना हमारे दिमाग को प्रदूषित करता है। इससे तनाव और नकारात्मकता बढ़ती है। वह सलाह देती हैं कि ऐसी खबरों से दूरी बनाएं। इसके बजाय, दिन की शुरुआत और अंत ध्यान और सकारात्मक सामग्री के साथ करें। यह दिमाग को शांति और ऊर्जा देता है।

जानकारी से बनता है हमारा नजरिया

हम जो जानकारी लेते हैं—चाहे वह हास्य, आलोचना, डर या आशीर्वाद हो—वह हमारे विश्वास और आदतों को प्रभावित करती है। बीके शिवानी के अनुसार, सकारात्मक जानकारी चुनने से दिमाग में स्वस्थ पैटर्न बनते हैं। यह हमें बेहतर सोच और जीवनशैली की ओर ले जाता है।

सुबह की आध्यात्मिक साधना

ब्रह्माकुमारी पद्धति में सुबह के पहले 45 मिनट आध्यात्मिक अध्ययन और ध्यान के लिए समर्पित करने की सलाह दी जाती है। यह अभ्यास दिमाग को ऊर्जा देता है। इससे आत्मसम्मान बढ़ता है और हम उच्च शक्ति से जुड़ते हैं। बीके शिवानी कहती हैं कि यह हमें देने की भावना देता है, न कि दूसरों पर भावनात्मक रूप से निर्भर होने की।

भावनात्मक रोग प्रतिरोधक क्षमता

नकारात्मक जानकारी का अधिक सेवन भावनात्मक थकान लाता है। यह हमारी “भावनात्मक रोग प्रतिरोधक क्षमता” को कमजोर करता है। इससे हम दूसरों के तनावपूर्ण वाइब्स से आसानी से प्रभावित हो जाते हैं। ध्यान और सकारात्मकता से खुद को ऊर्जावान बनाकर हम इस रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत कर सकते हैं। इससे हम शांति और प्रेम फैलाते हैं, जो न सिर्फ हमें बल्कि हमारे आसपास के लोगों को भी लाभ देता है।

दूसरों के लिए “देवदूत” बनें

भावनात्मक रूप से स्थिर होने से हम दूसरों की मदद कर सकते हैं। बीके शिवानी कहती हैं कि हम उन लोगों को भी आशीर्वाद दे सकते हैं, जिन्होंने हमारे साथ गलत किया। हमारे ऊंचे विचार और सकारात्मक ऊर्जा पर्यावरण को बदल सकती है। यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करता है।

अपनी भावनाओं की जिम्मेदारी

बीके शिवानी सलाह देती हैं कि हमें अपनी भावनाओं और प्रतिक्रियाओं की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। परिस्थितियों या दूसरों को दोष देने के बजाय, अपने विचारों पर नियंत्रण रखें। इससे हम अपनी भावनाओं और अनुभवों के मालिक बन सकते हैं।

रोजाना एक घंटे की साधना

वह कहती हैं कि रोजाना एक घंटा आध्यात्मिक अध्ययन और ध्यान के लिए देना जरूरी है। यह दिमाग के लिए “पोषण” की तरह है। इससे खुशी, स्वास्थ्य और मजबूत रिश्ते बनते हैं। यह हमारे जीवन को बेहतर बनाने का आसान तरीका है।

ध्यान: अपने और ईश्वर से रिश्ता

ध्यान खुद से और उच्च शक्ति से रिश्ता जोड़ने का तरीका है। बीके शिवानी कहती हैं कि यह रिश्ता हमारे जीवन को संतुलित और harmonius बनाता है। वह आश्वासन देती हैं कि ध्यान आसान है और हर कोई इसे कर सकता है। यह न सिर्फ हमें शांति देता है, बल्कि दूसरों के साथ हमारे रिश्तों को भी बेहतर बनाता है।

बीके शिवानी का संदेश स्पष्ट है—अपने दिमाग को सकारात्मक और शुद्ध रखें। नकारात्मकता से दूरी बनाएं और ध्यान के जरिए खुद को मजबूत करें। यह न सिर्फ आपको, बल्कि आपके आसपास के लोगों और समाज को भी बेहतर बनाएगा। आज से ही इस साधना को अपनाएं और अपने जीवन में बदलाव देखें।

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