Manasa Sancharare | मानस संचररे: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए मानस संचररे भजन के बारे में बात करेंगे। संत सदाशिव ब्रह्मेंद्र द्वारा रचित मानस सन्चररे एक प्रसिद्ध कर्नाटक संगीत कृति, जो भगवान कृष्ण के प्रति समर्पण को दर्शाती है। यह मन को सांसारिक मोह त्यागकर भगवान के ध्यान में लीन होने की शिक्षा देती है।
मानस संचररे
पल्लवी:
मानस सन्चररे।
ब्रह्मणि मानस सन्चररे॥
चरण:
मदशिखि पिञ्छालन्क्रुत चिकुरे।
महणीय कपोल विजित मुकुरे॥
श्री रमणी कुच दुर्ग विहारे।
सेवक जन मन्दिर मन्दारे॥
परमहम्स मुखचन्द्र चकोरे।
परिपूरित मुरली रवधारे॥
Manasa Sancharare
Pallavi:
Manasa Sancarare ।
Brahmaṇi Manasa Sancarare ॥
Charanam:
Madasikhi Pinchalankruta Cikure ।
Mahaṇīya Kapola Vijita Mukure ॥
Sri Ramaṇi Kuca Durga Vihare ।
Sevaka Jana Mandira Mandare ॥
Paramahamsa Mukhacandra Cakore ।
Paripurita Muralī Ravadhare ॥
Credit the Video : Strumm Spiritual YouTube Channel
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