April 9, 2026

Author : Bimal Kumar Dash

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Ashutosh Shashank Shekhar | आशुतोष शशांक शेखर

Bimal Kumar Dash
Ashutosh Shashank Shekhar | आशुतोष शशांक शेखर: विशेषकर आशुतोष शशांक शेखर स्तोत्र महाशिवरात्रि, श्रावण मास और सोमवार व्रत के अवसर पर गाई जाती है। साधक...
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एकजुटता का शोर: जब गाँव की आवाज ने दुनिया बदल दी

Bimal Kumar Dash
रात का सन्नाटा। चाँद की किरणें आवाजपुर के पगडंडियों पर बिखरी थीं, मानो कोई चुपके से गाँव की कहानी सुनने आया हो। आवाजपुर – एक...
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शंखनाद की गूंज: डर को हराने की कहानी

Bimal Kumar Dash
सूरज की किरणें धरती को छू रही थीं। गंगा के किनारे एक छोटा सा गाँव था। नाम था कुरुक्षेत्र। वहाँ रहता था एक बूढ़ा योद्धा,...
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भगवद गीता श्लोक 11: समाज के हर सदस्य की भूमिका और कर्तव्य

Bimal Kumar Dash
एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में दो मित्र रहते थे – सूरज और राधा। दोनों बचपन से ही एक-दूसरे के बहुत...
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दिल का युद्ध: गीता का श्लोक और आत्मविश्वास की ताकत

Bimal Kumar Dash
अपर्याप्तं तदस्माकं बलं भीष्माभिरक्षितम् | पर्याप्तं त्विदमेतेषां बलं भीमाभिरक्षितम् || यह श्लोक भगवद्गीता के प्रथम अध्याय (1.10) से लिया गया है, जहाँ दुर्योधन अपने सेनापति...
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गाँव की ज़मीन बचाने की कहानी: अमर की संघर्षगाथा

Bimal Kumar Dash
सूरज डूब रहा था। गाँव के बाहर, एक पुराने बरगद के नीचे, अमर बैठा था। उसकी आँखें गीली थीं। हवा में गीता का श्लोक गूंज...
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Matrahin Pitrahin Gunhin Dhanhin | मातृहीन पितृहीन गुणहीन धनहीन

Bimal Kumar Dash
Matrahin Pitrahin Gunhin Dhanhin | मातृहीन पितृहीन गुणहीन धनहीन: दोस्तो नमस्कार, आज हम आप लोगों को इसी पोस्ट के माध्यम से मातृहीन पितृहीन गुणहीन धनहीन...
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भीष्म और अन्य योद्धा – एक कहानी

Bimal Kumar Dash
कुरुक्षेत्र का मैदान धूल से अटा पड़ा था। युद्ध की गूँज हवाओं में थी। भीष्म खड़े थे, तलवार चमक रही थी। उनके साथ कर्ण, कृपाचार्य,...
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गर्व जो तोड़ता है, सलाह जो जोड़ती है

Bimal Kumar Dash
कुरुक्षेत्र की धूल भरी धरती। युद्ध की गंध हवा में। दुर्योधन का स्वर गूंजता है। “हमारे पास विशिष्ट नायक हैं,” वह कहता है। उसकी आवाज...