Blogबदलाव की पुकार: कैसे एक गाँव ने भ्रष्टाचार और अन्याय को हरायाBimal Kumar DashAugust 25, 2025 by Bimal Kumar DashAugust 25, 20250800 यह श्लोक भगवद गीता के 1.15 श्लोक से लिया गया है। इसमें भगवान श्री कृष्ण अपने कर्णधार पाञ्चजन्य शंख की ध्वनि करते हैं। इसके बाद...
Blogएक शंखनाद, जिसने मिटाई नफरत की दीवारें: अर्जुन और किशन की सच्ची कहानीBimal Kumar DashAugust 24, 2025 by Bimal Kumar DashAugust 24, 202501608 कुरुक्षेत्र की उस विशाल रणभूमि की तरह, जहां श्वेत अश्वों से सजा रथ खड़ा था और श्रीकृष्ण व अर्जुन ने अपने शंखनाद से युद्ध का...
Blogइंसानियत की मिसाल: हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक बना आरिफ का फैसलाBimal Kumar DashAugust 24, 2025August 24, 2025 by Bimal Kumar DashAugust 24, 2025August 24, 20250713 इटारसी, मध्य प्रदेश: एक ऐसी दुनिया में जहां मतभेद अक्सर लोगों को बांटते हैं, मध्य प्रदेश के इटारसी के 26 वर्षीय युवक आरिफ खान चिश्ती...
Blogएकजुटता का शोर: जब गाँव की आवाज ने दुनिया बदल दीBimal Kumar DashAugust 17, 2025August 18, 2025 by Bimal Kumar DashAugust 17, 2025August 18, 20250689 रात का सन्नाटा। चाँद की किरणें आवाजपुर के पगडंडियों पर बिखरी थीं, मानो कोई चुपके से गाँव की कहानी सुनने आया हो। आवाजपुर – एक...
Blogशंखनाद की गूंज: डर को हराने की कहानीBimal Kumar DashAugust 14, 2025August 14, 2025 by Bimal Kumar DashAugust 14, 2025August 14, 20250635 सूरज की किरणें धरती को छू रही थीं। गंगा के किनारे एक छोटा सा गाँव था। नाम था कुरुक्षेत्र। वहाँ रहता था एक बूढ़ा योद्धा,...
Blogभगवद गीता श्लोक 11: समाज के हर सदस्य की भूमिका और कर्तव्यBimal Kumar DashAugust 12, 2025 by Bimal Kumar DashAugust 12, 20250803 एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में दो मित्र रहते थे – सूरज और राधा। दोनों बचपन से ही एक-दूसरे के बहुत...
Blogदिल का युद्ध: गीता का श्लोक और आत्मविश्वास की ताकतBimal Kumar DashAugust 10, 2025 by Bimal Kumar DashAugust 10, 20250755 अपर्याप्तं तदस्माकं बलं भीष्माभिरक्षितम् | पर्याप्तं त्विदमेतेषां बलं भीमाभिरक्षितम् || यह श्लोक भगवद्गीता के प्रथम अध्याय (1.10) से लिया गया है, जहाँ दुर्योधन अपने सेनापति...
Blogगाँव की ज़मीन बचाने की कहानी: अमर की संघर्षगाथाBimal Kumar DashAugust 8, 2025August 8, 2025 by Bimal Kumar DashAugust 8, 2025August 8, 20250825 सूरज डूब रहा था। गाँव के बाहर, एक पुराने बरगद के नीचे, अमर बैठा था। उसकी आँखें गीली थीं। हवा में गीता का श्लोक गूंज...
Blogभीष्म और अन्य योद्धा – एक कहानीBimal Kumar DashAugust 7, 2025August 7, 2025 by Bimal Kumar DashAugust 7, 2025August 7, 20250870 कुरुक्षेत्र का मैदान धूल से अटा पड़ा था। युद्ध की गूँज हवाओं में थी। भीष्म खड़े थे, तलवार चमक रही थी। उनके साथ कर्ण, कृपाचार्य,...
Blogगर्व जो तोड़ता है, सलाह जो जोड़ती हैBimal Kumar DashAugust 5, 2025August 5, 2025 by Bimal Kumar DashAugust 5, 2025August 5, 20250567 कुरुक्षेत्र की धूल भरी धरती। युद्ध की गंध हवा में। दुर्योधन का स्वर गूंजता है। “हमारे पास विशिष्ट नायक हैं,” वह कहता है। उसकी आवाज...