November 6, 2026
Bhajan

Ganga Ke Kinare Baith Ke | चाँद को निहारूं शिव को पुकारूं गंगा के किनारे बैठ के

Ganga Ke Kinare

Ganga Ke Kinare Baith Ke | चाँद को निहारूं शिव को पुकारूं गंगा के किनारे बैठ के: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए गंगा के किनारे भजन के बारे में बात करेंगे।

Chaand Ko Niharu Shiv Ko Pukaru

Ganga Ke Kinare Baith Ke

गंगा के किनारे बैठ के

चांद को निहारूं, शिव को पुकारूं,
चांद को निहारूं, शिव को पुकारूं ॥
गंगा के किनारे बैठ के, बैठ के,
गंगा के किनारे बैठ के, बैठ के,
गंगा के किनारे बैठ के ॥

रूह को सवारूं, आरती उतारूं,
गंगा के किनारे बैठ के, बैठ के,
गंगा के किनारे बैठ के॥

हम तु हमारे ही जीवन से है इतने सताय हुए,
तूटे हैं बिखरे हैं हम तो सबके भुलाए हुए,
कहते हैं आए जो गंगा नहाए,
हर जाते हैं सब रोग ॥

अब हमने समझा है, अब हमने जाना,
क्यों गंगा आते हैं लोग ॥

थक गए थे हम दुखों को उठा के,
अब चैन आया, आई अब सांसें,
गंगा के किनारे बैठ के, बैठ के,
गंगा के किनारे बैठ के, बैठ के,
गंगा के किनारे बैठ के ॥

क्यों रोएं हर बात में बंदेआ,
क्या लाया था साथ में बंदेआ,
जाने दे जो चला गया है,
कुछ भी नहीं तेरे हाथ में बंदेआ ॥

क्यों रोएं हर बात में बंदेआ,
क्या लाया था साथ में बंदेआ,
जाने दे जो चला गया है,
कुछ भी नहीं तेरे हाथ में बंदेआ ॥

मन नहीं भरता जितना भी ताकें,
इतना सुकून है भर गई आँखें,
गंगा के किनारे बैठ के ॥

गंगा धाराय शिव गंगा धाराय,
हर हर भोले नमः शिवाय ॥

गंगा धाराय शिव गंगा धाराय,
हर हर भोले नमः शिवाय ॥

गंगा धाराय शिव गंगा धाराय,
हर हर भोले नमः शिवाय ॥

गंगा धाराय शिव गंगा धाराय,
हर हर भोले नमः शिवाय ॥

Credit the Video : Kripa Record YouTube Channel

Disclaimer: Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) वेबसाइट का उद्देश्य किसी की आस्था या भावनाओं को ठेस पहुंचना नहीं है। इस वेबसाइट पर प्रकाशित उपाय, रचना और जानकारी को भिन्न – भिन्न लोगों की मान्यता, जानकारियों के अनुसार और इंटरनेट पर मौजूदा जानकारियों को ध्यान पूर्वक पढ़कर, और शोधन कर लिखा गया है। इस पोस्ट पर दिए गए जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और शैक्षिक उद्देश्य के लिए बनाया गया है। यहां यह बताना जरूरी है कि Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) इसमें चर्चा की गई किसी भी तरह जानकारी, मान्यता, सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की पूर्ण रूप से गारंटी नहीं देते। गंगा के किनारे बैठ के भजन का अर्थ और महत्व को अमल में लाने से पहले कृपया संबंधित योग्य विशेषज्ञ अथवा पंड़ित की सलाह अवश्य लें। गंगा के किनारे बैठ के भजन का उच्चारण करना या ना करना आपके विवेक पर निर्भर करता है। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी का उपयोग पूरी तरह से उपयोगकर्ता की अपनी ज़िम्मेदारी पर है। किसी भी प्रकार की हानि, नुकसान, या परिणाम के लिए हम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार नहीं होंगे।

Facebook
Instagram
YouTube

Related posts

Abahana Kare He Srusti Niyanta Asa Tume Abatari | ଆବାହନ କରେ ହେ ସୃଷ୍ଟି ନିୟନ୍ତା ଆସ ତୁମେ ଅବତରି

Bimal Kumar Dash

Bhaav Mere Tere Siva Koun Jaan Payega | भाव मेरे तेरे सिवा कौन जान पाएगा

Bimal Kumar Dash

Namo Namo Ji Shankara | नमो नमो जी शंकरा

bbkbbsr24