Jai Shankar Kailashpati Shiv | जय शंकर कैलाशपति शिव: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए जय शंकर कैलाशपति शिव के बारे में बात करेंगे।
जय शंकर कैलाशपति शिव
जै शॅंकर कैलाशपति शिव
पूरण ब्रम्ह सदा अविनाशी ॥
अंग विभूति गले मुंडमाला
शीश जटा जल गंग बिलासी ॥ 1 ॥
चंद्रकला मस्तक पर सोहे
तीन नयन त्रैलोक्य विकाशी ॥ 2 ॥
कर त्रिशूल पहरे मृगच्छाला
संग बसे गिरिजा नित दासी ॥ 3 ॥
ब्रम्हानंद करो करुणा प्रभु
भव भंजन भक्तन सुखराशी ॥ 4 ॥
Jai Shankar Kailashpati Shiv
Jai Shankar Kailashpati Shiv
Pooran Brahma Sada Avinashi ॥
Ang Vibhuti Gale Mundmala,
Sheesh Jataa Jal Gang Bilasi ॥ 1 ॥
Chandrakala Mastak Par Sohe,
Teen Nayan Trailokya Vikashi ॥ 2 ॥
Kar Trishool Pahare Mrigchhala,
Sang Base Girija Nit Daasi ॥ 3 ॥
Brahamanand Karo Karuna Prabhu,
Bhav Bhanjan Bhaktan Sukhrashi ॥ 4 ॥
Credit the Video: Sri Gurukripa Jyotish YouTube Channel
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