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May 14, 2026
Ashtakam

Mahamaya Ashtakam | महामाया अष्टकम

Mahamaya Ashtakam

Mahamaya Ashtakam | महामाया अष्टकम: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए महामाया अष्टकम के बारे में बात करेंगे। श्री महामाया अष्टकम जो देवी भद्रकाली को समर्पित है। जो देवी काली का एक उग्र और राजसी रूप है। श्री महामाया अष्टकम में आठ श्लोक हैं, जो माँ काली की शक्ति, सुरक्षा और भक्तों के प्रति उनकी दयालु कृपा की प्रशंसा की गई है।

Mahamaya Ashtakam

महामाया अष्टकम

भद्रकाली विश्वमाता जगत्स्रोतकारिणी
शिवपत्नी पापहर्त्री सर्वभूत तारिणी
स्कन्दमाता शिवा शिवा सर्वसृष्टि धारिणी
नमः नमः महामाया ! हिमालय-नन्दिनी ॥ १॥

नारीणां च शंखिन्यापि हस्तिनी वा चित्रिणी
पद्मगन्धा पुष्परूपा सम्मोहिनी पद्मिनी
मातृ -पुत्री- भग्नि -भार्या सर्वरूपा भवानी
नमः नमः महामाया ! भवभय-खण्डिनी ॥ २॥

पाप- ताप- भव- भय भूतेश्वरी कामिनी
तव-कृपा- सर्व-क्षय सर्वजना -वन्दिनी
प्रेम- प्रीति -लज्जा- न्याय नारीणां च मोहिनी
नमः नमः महामाया ! ॠण्डमाला -धारिणी ॥ ३॥

खड्ग -चक्र -हस्तेधारी शङ्खिनी- सुनादिनी
सम्मोहना -रूपा- नारी हृदय-विदारिणी
अहंकार- कामरूपा- भुवन-विलासिनी
नमः नमः महामाया ! जगत-प्रकाशिनी ॥ ४॥

लह्व -लह्व- तव -जिह्वा पापासुर मर्दिनी
खण्ड- गण्ड- मुण्ड -स्पृहा शोभाकान्ति वर्धिनी
अङ्ग- भङ्ग -रङ्ग -काया मायाछन्द छन्दिनी
नमः नमः महामाया ! दुःखशोक नाशिनी ॥ ५॥

धन- जन- तन -मान रूपेण त्वमं संस्थिता
काम -क्रोध- लोभ -मोह मद वापि मूढता
निद्राहार -काम -भय पशुतुल्य जीवनात्
नमः नमः महामाया ! कुरु मुक्त बन्धनात् ॥ ६॥

मैत्री -दया -लक्ष्मी -वृत्ति- अन्ते जीव लक्षणा
लज्जा-छाया-तृष्णा-क्षुधा बन्धनस्य-श कारणा
तुष्टि-बुद्धि-श्रद्धा-भक्ति सदा मुक्ति दायिका
शान्ति-भ्रान्ति-क्लान्ति-क्षान्ति तव रूपा अनेका
प्रीति-स्मृति-जाति-शक्ति-रूपा माया अभेद्या
नमः नमः महामाया ! नमस्त्वं महाविद्या ॥ ७॥

नवदुर्गा महाकाली सर्वाङ्गभूषावृत्तां
भुवनेश्वरी -मातङ्गी हन्तु मधुकैटभं
विमला तारा षोड़शी हस्ते खड्ग धारिणी
धुमावति -मा -बगला महिषासुर मर्दिनी
बालात्रिपुरसुन्दरी त्रिभुवन मोहिनी
नमः नमः महामाया ! सर्वदुःख हारिणी ॥ ८॥

मम माता लोके मर्त्त्य कृष्णदासः तव भृत्त्य
यदा तदा यथा तथा माया छिन्न मोक्षकथा
सदा सदा तव भिक्षा कृपा दीने भव रक्षा
नमः नमः महामाया कृष्णदासे तव दया ॥ ९॥

॥ जो श्री कृष्णदास द्वारा रचित इस महामाया अष्टकम का पाठ करता है वह मृत्यु के सागर को पार कर जाता है ॥

Credit the Video : Hindi Bhagavad Geeta YouTube Channel

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