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October 22, 2026
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Nilakanthay Devay Tripurantakay Rudray | नीलकंठाय देवाय त्रिपुरांतकाय रुद्राय

Nilakanthay Devay Tripurantakay Rudray

Nilakanthay Devay Tripurantakay Rudray | नीलकंठाय देवाय त्रिपुरांतकाय रुद्राय: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए नीलकंठाय देवाय त्रिपुरांतकाय रुद्राय भजन के बारे में बात करेंगे। भगवान शंकर को नीलकंठ के नाम से जाना जाता है। वह रूप जिसमें उन्होंने पूरे ब्रह्मांड की रक्षा के लिए विष को अपने कंठ में धारण किया।

Nilakanthay Devay Tripurantakay Rudray

नीलकंठाय देवाय त्रिपुरांतकाय रुद्राय

ॐ नमः शिवाय
ॐ… नमः शिवाय

ॐ… नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय

नीलकंठाय देवाय
त्रिपुरांतकाय रुद्राय

गंगाधराय देवाय
जटाजूट महेश्वराय

ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय

हर हर भोले नमः शिवाय

महादेव त्रिलोकी तुम
करते सबके दुख खत्म
ना ही आदि कोई….
ना ही है कोई अंत

अन्तर्यामी हो स्वामी
जानते जो सब दिल की बात
जो कोई पूजे सच्चे मन से
हर पल देते उसका साथ

नीलकंठाय देवाय
त्रिपुरांतकाय रुद्राय

गंगाधराय देवाय
जटाजूट महेश्वराय

ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय

सत्य तुम ही हो शंभू
तुम ही सबसे सुंदर हो
बाहर क्यों ढूंढे कोई
रहते मन के अंदर हो

देवों के देव हो महादेव
तुमको पूजे सारे देव
महाकाल भयंकर हो
तुम ही भोले शंकर हो

नीलकंठाय देवाय
त्रिपुरांतकाय रुद्राय

गंगाधराय देवाय
जटाजूट महेश्वराय

ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय

हर हर भोले नमः शिवाय

Credit the Video : Bhakti YouTube Channel

Disclaimer: Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) वेबसाइट का उद्देश्य किसी की आस्था या भावनाओं को ठेस पहुंचना नहीं है। इस वेबसाइट पर प्रकाशित उपाय, रचना और जानकारी को भिन्न – भिन्न लोगों की मान्यता, जानकारियों के अनुसार और इंटरनेट पर मौजूदा जानकारियों को ध्यान पूर्वक पढ़कर, और शोधन कर लिखा गया है। इस पोस्ट पर दिए गए जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और शैक्षिक उद्देश्य के लिए बनाया गया है। यहां यह बताना जरूरी है कि Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) इसमें चर्चा की गई किसी भी तरह जानकारी, मान्यता, सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की पूर्ण रूप से गारंटी नहीं देते। नीलकंठाय देवाय त्रिपुरांतकाय रुद्राय भजन का अर्थ और महत्व को अमल में लाने से पहले कृपया संबंधित योग्य विशेषज्ञ अथवा पंड़ित की सलाह अवश्य लें। नीलकंठाय देवाय त्रिपुरांतकाय रुद्राय भजन का उच्चारण करना या ना करना आपके विवेक पर निर्भर करता है। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी का उपयोग पूरी तरह से उपयोगकर्ता की अपनी ज़िम्मेदारी पर है। किसी भी प्रकार की हानि, नुकसान, या परिणाम के लिए हम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार नहीं होंगे।

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