MantraOm Krishnaya Vasudevaya Haraye | कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने | Krishna Mantrabbkbbsr24August 14, 2025March 1, 2026 by bbkbbsr24August 14, 2025March 1, 2026017111 Om Krishnaya Vasudevaya Haraye | कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने | Krishna Mantra: दोस्तों नमस्कार, आज हम आप लोगों को इस पोस्ट के माध्यम से श्री
Blogभगवद गीता श्लोक 11: समाज के हर सदस्य की भूमिका और कर्तव्यBimal Kumar DashAugust 12, 2025 by Bimal Kumar DashAugust 12, 20250810 एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में दो मित्र रहते थे – सूरज और राधा। दोनों बचपन से ही एक-दूसरे के बहुत
Blogदिल का युद्ध: गीता का श्लोक और आत्मविश्वास की ताकतBimal Kumar DashAugust 10, 2025 by Bimal Kumar DashAugust 10, 20250765 अपर्याप्तं तदस्माकं बलं भीष्माभिरक्षितम् | पर्याप्तं त्विदमेतेषां बलं भीमाभिरक्षितम् || यह श्लोक भगवद्गीता के प्रथम अध्याय (1.10) से लिया गया है, जहाँ दुर्योधन अपने सेनापति
Blogगाँव की ज़मीन बचाने की कहानी: अमर की संघर्षगाथाBimal Kumar DashAugust 8, 2025August 8, 2025 by Bimal Kumar DashAugust 8, 2025August 8, 20250833 सूरज डूब रहा था। गाँव के बाहर, एक पुराने बरगद के नीचे, अमर बैठा था। उसकी आँखें गीली थीं। हवा में गीता का श्लोक गूंज
MantraSliderMatrahin Pitrahin Gunhin Dhanhin | मातृहीन पितृहीन गुणहीन धनहीनBimal Kumar DashAugust 7, 2025March 18, 2026 by Bimal Kumar DashAugust 7, 2025March 18, 2026013566 Matrahin Pitrahin Gunhin Dhanhin | मातृहीन पितृहीन गुणहीन धनहीन: दोस्तो नमस्कार, आज हम आप लोगों को इसी पोस्ट के माध्यम से मातृहीन पितृहीन गुणहीन धनहीन
Blogभीष्म और अन्य योद्धा – एक कहानीBimal Kumar DashAugust 7, 2025August 7, 2025 by Bimal Kumar DashAugust 7, 2025August 7, 20250878 कुरुक्षेत्र का मैदान धूल से अटा पड़ा था। युद्ध की गूँज हवाओं में थी। भीष्म खड़े थे, तलवार चमक रही थी। उनके साथ कर्ण, कृपाचार्य,
MantraSliderमहाकाल भैरव मंत्र | Mahakal Bhairav Mantra | Kal Bhairav MantraBimal Kumar DashAugust 7, 2025November 17, 2025 by Bimal Kumar DashAugust 7, 2025November 17, 202503382 महाकाल भैरव मंत्र | Mahakal Bhairav Mantra | Kal Bhairav Mantra: दोस्तो नमस्कार, आज हम आप लोगों को इसी पोस्ट के माध्यम से भगवन शिव
Blogगर्व जो तोड़ता है, सलाह जो जोड़ती हैBimal Kumar DashAugust 5, 2025August 5, 2025 by Bimal Kumar DashAugust 5, 2025August 5, 20250575 कुरुक्षेत्र की धूल भरी धरती। युद्ध की गंध हवा में। दुर्योधन का स्वर गूंजता है। “हमारे पास विशिष्ट नायक हैं,” वह कहता है। उसकी आवाज
Blogएक छोटा कदम, एक छोटी मदद: यही बनाता है आज का महारथीBimal Kumar DashAugust 2, 2025September 13, 2025 by Bimal Kumar DashAugust 2, 2025September 13, 20250760 धूल भरी सड़कों पर सूरज डूब रहा था। गाँव का मेला शांत हो चला था। लेकिन मेरे मन में तूफान उठ रहा था। सामने खड़ा
Blogगीता श्लोक से प्रेरित: पाण्डव सेना की प्रेरक कहानीBimal Kumar DashAugust 1, 2025 by Bimal Kumar DashAugust 1, 20250732 धूल हवा में नाच रही थी। सूरज डूबता हुआ लाल था। विशाल मैदान में दो सेनाएँ खड़ी थीं। पाण्डवों की सेना, सुव्यवस्थित, शक्तिशाली। सामने कौरवों