July 18, 2026
Mantra

Powerful Laxmi Mantra Shrivatsavakshah Shrivasah | शक्तिशाली लक्ष्मी मंत्र

Powerful Laxmi Mantra

Powerful Laxmi Mantra Shrivatsavakshah Shrivasah  | शक्तिशाली लक्ष्मी मंत्र: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए शक्तिशाली लक्ष्मी मंत्र के बारे में बात करेंगे। श्रीमद्भागवत महापुराण के अष्टम स्कंध के अष्टम अध्याय में वर्णन है कि जब समुद्र मंथन हुआ सबसे पहले उसमें से हलाहल विष निकला, जिसको भगवान शिव पी गए। उसके बाद उसमें से कामधेनु गाय निकली। तीसरे नंबर पर उच्च श्रवा घोड़ा निकला। चौथे नंबर पर एरावत हाथी निकला। पांचवें नंबर पर कल्पवृक्ष निकला। छठे नंबर पर अप्सराएं निकली। इस प्रकार से एक-एक करके निकलते गए। उसके बाद में लक्ष्मी जी निकली। लक्ष्मी जी के बाद धनवंतरी जी निकले। तो जैसे ही लक्ष्मी जी निकली उनके हाथ में कमल के पुष्पों की माला थी। वो कमल पुष्प लेकर चल पड़ी। उनको प्राप्त करने के लिए दैत्य, देवता, मनुष्य सब लोग लाइन में लग गए कि लक्ष्मी जी हमको वरण करेंगी। लेकिन लक्ष्मी जी ने देखा इनके अंदर बहुत कमियां है। कोई क्रोधी है, कोई कामी है, कोई आसक्त है, इनके पास नहीं जाना। तो उन्होंने देखा श्री हरि अर्थात श्री विष्णु जी वहां खड़े हुए हैं। बोले इनको अपना पति बनाती हूं। उनके गले में माला डाल दी और अपना पति स्वीकार कर लिया। इसके बाद श्री हरि विष्णु ने उनको अपने वक्ष स्थल, हृदय में स्थापित किया।

इसमें देखो तुम लक्ष्मी के पीछे भाग रहे हो, लक्ष्मी तुमको देख भी नहीं रही। अगर आप धन के लिए बहुत ज्यादा चिंतित हैं, तो धन आपके पास नहीं आएगा। आएगा तो चला जाएगा। आप चिंतित रहते हैं तो आपका बल और बुद्धि घट जाएगा। जिसका बल और बुद्धि घट जाती है, उसके पास लक्ष्मी नहीं आती। इसलिए उस परमात्मा श्री विष्णु का ध्यान करो, जो तुम्हारा अंदर व्याप्त है। तुम्हारी आत्मा, तुम्हारी चेतना, विष्णु हमसे अलग नहीं है। अर्थात अपनी इस चिंता को विष्णु जी से जोड़ दो। क्योंकि लक्ष्मी विष्णु जी के चरण दबा रही है। विष्णु का ध्यान करो। अर्थात अपने स्वरूप का ध्यान करो। सबसे पहली बात चिंता छोड़ दो, लक्ष्मी तुम्हारे पास आएगी। श्री वत्सव वक्षाह विष्णु जी ने लक्ष्मी जी को अपने हृदय में स्थित किया। प्रातः काल, पवित्र आसन पर बैठकर, आंख बंद करके हृदय चक्र में ध्यान लगाना है। तो चमत्कार देखना, सारी समस्याएं नष्ट होने लगेंगी। इस मंत्र का आपको 108 बार जप करना है।

शक्तिशाली लक्ष्मी मंत्र 

श्रीवत्सवक्षाः श्रीवासः श्रीपतिः श्रीमतां वरः ।
श्रीदः श्रीशः श्रीनिवासः श्रीनिधिः श्रीविभावनः ।
श्रीधरः श्रीकरः श्रेयः श्रीमान् लोकत्रयाश्रयः ॥

Powerful Laxmi Mantra Shrivatsavakshah Shrivasah

Shrivatsavakshah Shrivasah Shripatih Shrimatam Varah ।
Shridah Shrishah Shrinivasah Shrinidhih Shrivibhavanah ।
Shridharah Shrikarah Shreyah Shriman Lokatrayashrayah ॥

ଶକ୍ତିଶାଳୀ ଲକ୍ଷ୍ମୀ ମନ୍ତ୍ର ଶ୍ରୀବତ୍ସବକ୍ଷଃ ଶ୍ରୀବାସଃ

ଶ୍ରୀବତ୍ସବକ୍ଷାଃ ଶ୍ରୀବାସଃ ଶ୍ରୀପତିଃ ଶ୍ରୀମତାଂ ବରଃ ।
ଶ୍ରୀଦଃ ଶ୍ରୀଶଃ ଶ୍ରୀନିବାସଃ ଶ୍ରୀନିଧିଃ ଶ୍ରୀବିଭାବନଃ ।
ଶ୍ରୀଧରଃ ଶ୍ରୀକରଃ ଶ୍ରେୟଃ ଶ୍ରୀମାନ୍ ଲୋକତ୍ରୟାଶ୍ରୟଃ ॥

Credit the Video: ChantingMantra YouTube Channel

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