Sangachhadhwam Samvadadhwam | मैत्री धुनः प्रार्थनाः ऋग्वेद श्लोक | संगठन मंत्र | संगचद्वम संवादम ऋग्वेद प्रार्थना: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए संगचद्वम संवादम ऋग्वेद प्रार्थना के बारे में बात करेंगे।
मैत्री धुनः प्रार्थनाः ऋग्वेद श्लोक
संगठन मंत्र
संगचद्वम संवादम ऋग्वेद प्रार्थना
ॐ संगच्छध्वं संवदध्वं
सं वो मनांसि जानताम्
देवा भागं यथा पूर्वे
सञ्जानाना उपासते ॥
समानो मन्त्र: समिति: समानी
समानं मन: सहचित्तमेषाम्
समानं मन्त्रमभिमन्त्रये व:
समानेन वो हविषा जुहोमि ॥
समानी व आकूति: समाना हृदयानि व: ।
समानमस्तु वो मनो यथा व: सुसहासति ॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
Sangachhadhwam Samvadadhwam
Om Sangachhadhwam Samvadadhwam
Sam Vo Manamsi Janatam
Deva Bhagam Yatha Purve
Sanjanana Upasate ॥
Samano Mantrah Samitih Samani
Samanam Manah Sahacittamesam
Samanam Mantram Abhimantraye Vah
Samanena Vo Havisa Juhomi ॥
Samani Va Akutih Samana Hrdayani Vah ।
Samanamastu Vo Mano Yatha Vah Susahasati ॥
Om Santi Santi Santihi ॥
Credit the Video : Bhakti YouTube Channel
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