November 7, 2026
Mantra

Shree Ganesh Nyas | श्री गणेश न्यास

Shree Ganesh Nyas

Shree Ganesh Nyas | श्री गणेश न्यास: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए श्री गणेश न्यास (mantra) के बारे में बात करेंगे। यह क्रिया आचमन (Aachaman) और प्राणायाम (Pranayam) के बाद की जाती है। इसमें भगवान गणेश के शरीर के प्रत्येक अंग को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना जाता है। हर बार भगवान गणेश का एक पवित्र नाम लेते हैं और कहते हैं कि वे उनके दाहिने हाथ को प्रणाम कर रहे हैं, फिर दूसरा नाम लेकर उनके बाएँ हाथ को प्रणाम करते हैं। इसके बाद अन्य नामों के साथ उनके दाएँ और बाएँ चरणों, दाएँ और बाएँ नेत्रों, दाएँ और बाएँ कानों आदि को प्रणाम करते हैं। इस प्रकार भगवान गणेश के प्रत्येक अंग की श्रद्धा और भक्ति के साथ वंदना की जाती है।

श्री गणेश न्यास

Shree Ganesh Nyas

दक्षिण हस्ते – वक्रतुण्डाय नमः | (मन्त्र बोलकर दाए हाथ को स्पर्श करे)
वाम हस्ते – शूर्पकर्णे नमः | (बाए हाथ को स्पर्श करे)
ओष्ठे-विघ्नेशाय नमः | (होठो को स्पर्श करे)
अधरोष्ठे-चिंतामणये नमः | (ऊपर के होठ को स्पर्श करे)
संपुटे – गजाननाय नमः | (दोनों हथेली को बांचकर सम्पुट बनाये)
दक्षिणपादे – लम्बोदराय नमः | (अपने दाए पेअर को स्पर्श करे)
वामपादे – एकदंताय नमः | (बाए पेअर को स्पर्श करे)
शिरसि – एकदंताय नमः | (अपने सिर को स्पर्श करे)
चिबुके – ब्रह्मणस्पतये नमः | (अपनी टोढ़ी को स्पर्श करे)
दक्षिणनासिकायाम – विनायकाय नमः | (नाक के दाए भाग को स्पर्श करे)
वामनासिकायाम – ज्येष्ठराजाय नमः | (नाक के बाए भाग को स्पर्श करे)
दक्षिण नेत्रे – विकटाय नमः | (अपनी दायी आँख को स्पर्श करे)
वामनेत्रे – कपिलाय नमः | (बायीं आँख को स्पर्श करे)
दक्षिणकर्णे – धरणीधराय नमः | (दाए कान को स्पर्श करे)
वामकर्णे – आशापूरकाय नमः | (बाए कान को स्पर्श करे)
नाभौ – महोदराय नमः | (नाभि को सपर्श करे)
हृदये – धूम्रकेतवे नमः | (ह्रदय को स्पर्श करे)
ललाटे – मयुरेशाय नमः | (अपने ललाट को स्पर्श करे)
दक्षिण बाहौ – स्वानन्दवासकरकाय नमः | (अपने दाए बाहु को स्पर्श करे)
वाम बाहौ – सच्चित्सुखधाम्ने नमः | (अपने बाए हाथ को स्पर्श करे)

|| इति श्री मुद्गल पुराणोक्त गणेश न्यास समाप्तः ||

Credit the Video : Karmkand By Anandpathak YouTube Channel

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