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October 7, 2026
Ashtakam

Shree Shiva Ashtakam | श्री शिवाष्टक | आदि अनादि अनंत अखण्ड अभेद सुवेद बतावै

Shree Shiva Ashtakam

Shree Shiva Ashtakam | श्री शिवाष्टक | आदि अनादि अनंत अखण्ड अभेद सुवेद बतावै: दोस्तों नमस्कार, आज हम आप लोगों को इस पोस्ट के माध्यम से श्री शिवाष्टक के बारे में बताएँगे। इस शिवाष्टक का नियमित पाठ करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। भगवान शिव जीवन से सभी कष्ट और दुखों का अन्त कर देते है।

Shree Shiva Ashtakam

श्री शिवाष्टक

आदि अनादि अनंत अखण्ड अभेद सुवेद बतावै

आदि अनादि अनंत अखण्ड अभेद सुवेद बतावै ।
अलखअगोचररूपमहेस कौ जोगि जती-मुनि ध्यान न पावै ॥

आगम निगम पुराण सबै इतिहास सदा जिनके गुण गावै ।
बडभागी नर नारि सोई जो साँब-सदाशिव कौ नित ध्यावै ॥

सृजन, सुपालन लय लीलाहित जो विधि हरिहररूप बनावै ।
एकहि आप विचित्र अनेक सुबेस बनाईकै लीला रचावैं ॥

सुन्दर सृष्टि सुपालन करिजग पुनिबन काल जु खाय पचावै ।
बड भागी नर-नारि सोई जो सांब सदाशिव कौ नित ध्यावै ॥

अगुन अनीह अनामय अज अविकार सहज निज रूप धरावै ।
परम सुरस्य बसन आभूषण सजि मुनि मोहन रूप करावै ॥

ललित ललाट बाल विधु विलसै रतन हार उर पै लहरावैं ।
बड्भागी नर-नारि सोई जो साँब सदाशिवको नित ध्यावैं ॥

अंग विभूति रमाय मसानकी विषमय भुजंगनि कौं लपटावैं ।
नर कपाल कर मुण्डमाल गल भालु चरम सब अंग उढावैं ॥

घोर दिगम्बर, लोचन तीन भयानक देखि कैं सब थर्रावैं ।
बड्भागी नर-नारि सोई जो सांब सदाशिव कौं नित ध्यावैं ॥

सुनतहि दीन की दीन पुकार दयानिधि आप उबारन आवैं ।
पहुँच तहां अविलम्ब सुदारून मृत्यु को मर्म बिदारि भगावैं ॥

मुनि मृकंडु सुत की गाथा सुचि अजहुं विज्ञान गाइ सुनावैं ।
बड्भागी नरनारि सोई जो साँब सदाशिव को नित ध्यावैं ॥

चाउर चारि जो फल धतूर के बेल के पात औ पानी चढावैं ।
गाल बजाय के बोल जो ‘हरहरमहादेव’ धनि जोर लगावैं ॥

तिनहि महाफल देयं सदाशिव सहजहि भक्तिमुक्ति सो पावैं ।
बड्भागी नरनारि सोई जो साँब सदाशिव कौं नित ध्यावैं ॥

बिनसिन दोषदु:ख दुरति दैन्य दारिद्रयं नित्यसुखशान्तिमिलावैं ।
आसुतोष हर पाप ताप सब निरमल बुद्धि चित बकसावैं ॥

असरन सरन काटि भवबंधन भव निज भवन भव्य बुलावैं ।
बड्भागी नरनारि सोई जो साँब सदाशिव कौं नित ध्यावैं ॥

औढ्सदानी, उदार अपार जु नैकु सी सेवा तें ढुरि जावैं ।
दमन अशान्ति, समन संकट बिरद विचार जनहिं अपनावैं ॥

ऐसे कृपालु कृपामय देव के क्यों न सरन अबही चलि जावैं ।
बड्भागी नरनारि सोई जो साँब सदाशिव कौं नित ध्यावैं ॥

Credit the Video: H-Spiritual YouTube Channel

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