August 14, 2026
Mantra

Ekashloki | Ek Shloki By Adi Shankaracharya | आदि शंकराचार्य रचित एक श्लोकी

Ek Shloki By Adi Shankaracharya

Ekashloki | Ek Shloki By Adi Shankaracharya | आदि शंकराचार्य रचित एक श्लोकी: दोस्तों नमस्कार, आज हम आप लोगों को इस लेख के माध्यम से आदि शंकराचार्य रचित एक श्लोकी के बारे में बताने वाले हैं। आदि शंकराचार्य द्वारा रचित एकश्लोकी आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह रचना गुरु-शिष्य संवाद के सुंदर रूप में प्रस्तुत की गई है। एकश्लोकी का पाठ साधक को अपने वास्तविक स्वरूप की पहचान और आत्मज्ञान का सार अत्यंत संक्षिप्त एवं गहन रूप में समाहित किया गया है। इसमें अद्वैत वेदांत के संपूर्ण सार को एक ही श्लोक में संक्षिप्त रूप से प्रस्तुत किया गया है। इस पवित्र स्तोत्र का पाठ विशेष रूप से सोमवार, गुरुवार तथा गुरु पूर्णिमा के दिन शुभ माना जाता है।

आदि शंकराचार्य रचित एक श्लोकी

किं ज्योतिस्तवभानुमानहनि मे रात्रौ प्रदीपादिकं
स्यादेवं रविदीपदर्शनविधौ किं ज्योतिराख्याहि मे ।
चक्षुस्तस्य निमीलनादिसमये किं धीर्धियो दर्शने
किं तत्राहमतो भवान्परमकं ज्योतिस्तदस्मि प्रभो ॥

Ekashloki

Ek Shloki By Adi Shankaracharya

Kim Jyotistava Bhanumanahani Me Ratrau Pradipadikam
Syadevam Ravidipadarshanavidhau Kim Jyotirakhyahi Me
Chakshustasya Nimilanadisamaye Kim Dhirdhiyo Darshane
Kim Tatrahamato Bhavan Paramakam Jyotistadasmi Prabho

Credit the Video : Rajshri Soul YouTube Channel

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