February 1, 2026
BlogSlider

ईश्वर को देखा नहीं जा सकता, फिर भी जाना जा सकता है

कई लोग पूछते हैं कि इस दुनिया और इंसानों को किसने बनाया। शास्त्र स्पष्ट कहते हैं कि ईश्वर ही सृष्टिकर्ता हैं। लेकिन वे हमारी साधारण आँखों से दिखाई नहीं देते। इसलिए हमें बुजुर्गों, शास्त्रों और आचार्यों की बताई बातों पर विश्वास करना चाहिए।

ईश्वर को सिर्फ इसलिए नकारना ठीक नहीं कि वे दिखते नहीं। मानवीय तर्क से उनका खंडन करना भी गलत है। हमारी इंद्रियाँ सीमित हैं। कान सिर्फ कुछ खास आवाजें सुन पाते हैं। आँखें दूर तक नहीं देख सकतीं।

आचार्य रामानुज कहते हैं कि ईश्वर की अनुभूति शास्त्रों के माध्यम से ही संभव है। उनके ग्रंथ ‘श्री भाष्यम’ में ‘शास्त्र योनीत्वात्’ का जिक्र है। शास्त्र ही वह स्रोत हैं जो इंद्रियों और बुद्धि से परे ज्ञान देते हैं।

एक प्रवचन में डॉ. वेंकटेश ने बताया कि ऋषि और अलवार आध्यात्मिक वैज्ञानिक हैं। उन्होंने तपस्या के जरिए गहन शोध किया। उनकी अनुभूतियाँ शास्त्रों और दिव्य प्रबंधम में दर्ज हैं।

हम आध्यात्म में छोटे बच्चे जैसे हैं। सीखते, चिंतन करते और अभ्यास करते जाएँ। सही मार्गदर्शन से हम भी ईश्वर को अनुभव कर सकते हैं।

साधारण आँखों से ईश्वर नहीं दिखते। लेकिन शुद्ध अंतर्दृष्टि और भक्ति से भरे हृदय से उनकी अनुभूति होती है।

हमारे आचार्यों ने अपनी प्रबुद्ध बुद्धि और गहन आध्यात्म से परम आनंद पाया। उनके पदचिह्नों पर चलें। विश्वास और अनुशासन रखें। तब हम भी उस आनंद के भागी बनेंगे।

Related posts

एकजुटता का शोर: जब गाँव की आवाज ने दुनिया बदल दी

Bimal Kumar Dash

Top 100 Indian Baby Girl Names of 2023

bbkbbsr24

Hanuman Mantra : मनोजवम् मारुततुल्यवेगम्, प्रतिदिन इस रहस्यमयी हनुमान मंत्र से ध्यान करें

Bimal Kumar Dash