26.1 C
Bhubaneswar
February 19, 2026
Bhajan

Mere Man Mein Bhi Shyam Mere Tan Mein Bhi Shyam | मेरे मन में भी राम मेरे तन में भी श्याम

Mere Man Mein Bhi Shyam

Mere Man Mein Bhi Shyam Mere Tan Mein Bhi Shyam | मेरे मन में भी राम मेरे तन में भी श्याम: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए मेरे मन में भी राम मेरे तन में भी श्याम भजन के बारे में बात करेंगे।

Mere Man Mein Bhi Shyam

मेरे मन में भी राम मेरे तन में भी श्याम

मेरे मन में भी श्याम,
मेरे तन में भी श्याम,
मेरे मन में भी श्याम,
मेरे तन में भी श्याम,
रोम रोम में समाया तेरा नाम रे,
(हाय) मेरी साँसों में तेरा ही नाम रे,
(हाय) मेरी साँसों में तेरा ही नाम रे ॥

जैसे बंसी में श्याम,
जैसे रागों में श्याम,
मीठे भजनों में समाया तेरा नाम रे,
मेरी साँसों में तेरा ही नाम रे ॥

जैसे विरहा में श्याम,
जैसे धीरज में श्याम,
दूर रहकर भी साथ है मेरा श्याम रे,
मेरी साँसों में तेरा ही नाम रे ॥

जैसे यमुना में श्याम,
जैसे वृंदावन में श्याम,
गली गली में बसाया तेरा ही नाम रे,
मेरी साँसों में तेरा ही नाम रे ॥

जैसे राधा में श्याम,
जैसे मीरा में श्याम,
प्रेम के हर भाव में समाया तेरा ही नाम रे,
मेरी साँसों में तेरा ही नाम रे ॥

जैसे नैनों में श्याम,
जैसे सपनों में श्याम,
हर एक ख्वाब में समाया तेरा नाम रे,
मेरी साँसों में तेरा ही नाम रे ॥

जैसे मुरली में श्याम,
जैसे गीता में श्याम,
हर एक ध्वनि में समाया तेरा नाम रे,
मेरी साँसों में तेरा ही नाम रे ॥

जैसे नैनों में श्याम,
जैसे ख्वाबों में श्याम,
नींद में भी याद आए तेरा नाम रे।
मेरी साँसों में तेरा ही नाम रे॥

जैसे हंसने में श्याम,
जैसे रोने में श्याम,
हर एक एहसास में समाया तेरा नाम रे,
मेरी साँसों में तेरा ही नाम रे ॥

जैसे रूठने में श्याम,
जैसे मनाने में श्याम,
छोटी छोटी बातों में तेरा नाम रे,
मेरी साँसों में तेरा ही नाम रे ॥

जैसे रातों में श्याम,
जैसे दिन में भी श्याम,
हर एक पहर में समाया तेरा नाम रे,
मेरी साँसों में तेरा ही नाम रे ॥

जैसे भीतर में श्याम,
जैसे बाहर में श्याम,
कण कण में बसाया तेरा ही नाम रे,
मेरी साँसों में तेरा ही नाम रे ॥

जैसे अंत में भी श्याम,
जैसे आरंभ में भी श्याम,
जीवन मरण में समाया तेरा ही नाम रे,
मेरी साँसों में तेरा ही नाम रे ॥

Credit the Video : ShivRaga AI Studio YouTube Channel

Disclaimer: Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) वेबसाइट का उद्देश्य किसी की आस्था या भावनाओं को ठेस पहुंचना नहीं है। इस वेबसाइट पर प्रकाशित उपाय, रचना और जानकारी को भिन्न – भिन्न लोगों की मान्यता, जानकारियों के अनुसार और इंटरनेट पर मौजूदा जानकारियों को ध्यान पूर्वक पढ़कर, और शोधन कर लिखा गया है। इस पोस्ट पर दिए गए जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और शैक्षिक उद्देश्य के लिए बनाया गया है। यहां यह बताना जरूरी है कि Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) इसमें चर्चा की गई किसी भी तरह जानकारी, मान्यता, सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की पूर्ण रूप से गारंटी नहीं देते। मेरे मन में भी राम मेरे तन में भी श्याम भजन का अर्थ और महत्व को अमल में लाने से पहले कृपया संबंधित योग्य विशेषज्ञ अथवा पंड़ित की सलाह अवश्य लें। मेरे मन में भी राम मेरे तन में भी श्याम भजन का उच्चारण करना या ना करना आपके विवेक पर निर्भर करता है। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी का उपयोग पूरी तरह से उपयोगकर्ता की अपनी ज़िम्मेदारी पर है। किसी भी प्रकार की हानि, नुकसान, या परिणाम के लिए हम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार नहीं होंगे।

Facebook
Instagram
YouTube

Related posts

Shiv Shankar Sharanam Mamah | शिव शंकर शरणम् ममः

Bimal Kumar Dash

Subah Savere Lekar Tera Naam Prabhu | सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु

bbkbbsr24

भजगोविन्दं भजगोविन्दं गोविन्दं भज मूढमते | Bhaja Govindam Bhaja Govindam Govindam Bhaja Moodha Mate

bbkbbsr24

Leave a Comment