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April 17, 2024
Mantra

वास्तु दोष निवारण मंत्र – Vastu Dosha Nivaran Mantra

वास्तु दोष निवारण मंत्र – Vastu Dosha Nivaran Mantra

वास्तु किसी भी घर की समृद्धि का प्रतीक होता है। यदि घर का निर्माण वास्तु दोषों को नजर अंदाज किए बिना बनवाया जाए तो घर में रह पाना मुश्किल होता है। हिंदू धर्म में वास्तु के अनुसार घर बनाए जाने की परंपरा है। वास्तु दोष एक प्रकार का एेसा दोष होता हैं जो घर की सुख समृद्धि और सकारात्मकता को नष्ट कर देता है। ऐसे में लाख पूजन के बाद भी घर में माता लक्ष्मी का वास नहीं होता है। यदि आपके घर में भी कोई भी कार्य नहीं बन पा रहा हैं जैसे – विवाह बाधा, भूमी खरीदी, जॉब, व्यवसाय वृद्धि में रुकावट तो निश्चित तौर पर आपके घर में वास्तु दोष हैं। दोस्तों यदि आप भी वास्तु दोष निवारण के लिए शक्तिशाली और प्रभावी मंत्र की तलाश कर रहे हैं तो, आज का हमारा यह लेख आपकी मदद करेगा। पोस्ट मे हमारे द्वारा वास्तु दोष निवारण मंत्र सुव्यस्थित तरीके से दर्शाया और समझाया गया है। जिसका उपयोग कर आप अपने घर से वास्तु दोष को काफी हद तक समाप्त कर सकते हैं।

Vastu Mantra (Vastu Purusha Mantra)

नमस्ते वास्तु पुरुषाय भूशय्या भिरत प्रभो ।
मद्गृहं धन धान्यादि समृद्धं कुरु सर्वदा ॥

Namaste Vaastu Purushaay Bhooshayyaa Bhirat Prabho ।
Madgriham Dhan Dhaanyaadi Samriddham Kuru Sarvada ॥

वास्तु दोष निवारण मंत्र – Vastu Dosha Nivaran Mantra

ॐ वास्तोष्पते प्रति जानीद्यस्मान स्वावेशो
अनमी वो भवान यत्वे महे प्रतितन्नो जुषस्व
शन्नो भव द्विपदे शं चतुष्प्दे स्वाहा ।

Om Vaastoshpate Prati Jaanidyasmaan Swaawesho
Anamee Vo Bhavaan Yatve Mahe Pratitanno Jushasva
Sahnno Bhav Dvipade Sham Chatushpade Swaahaa ।

वास्तु दोष निवारण मन्त्र के लाभ

  • वास्तु दोष निवारण मंत्र का जाप करने से घर के किसी भी दिशा में वास्तु दोष हो तो समाप्त हो जाता है।
  • वास्तु दोष निवारण मंत्र का नित्य जाप करने से गृह कलेश से भी छुटकारा मिलता है।
  • इस मंत्र का जाप करने से मनुष्य अगर किसी बीमारी से पीडित है तो उसकी बीमारी का अंत हो जाता है।
  • इस मंत्र का जाप करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती है।
  • वास्तु दोष निवारण मंत्र का जाप करने से कलह कलेश से छुटकारा मिलता है।

वास्तु दोष निवारण मन्त्र की विधि

  • अपने घर की अच्छे से साफ़ सफाई करें।
  • कोई भी शुभ दिन देख कर इस मंत्र का जाप कर सकते हैं।
  • इस मंत्र का जाप 108 बार करना चाहिए।
  • घर या दुकान कही भी इस मंत्र का जाप कर सकते हैं।
  • अपने घर के मंदिर में बैठकर भी इस मंत्र का जाप कर सकते हैं।

Disclaimer : Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com/) किसी की आस्था को ठेस पहुंचना नहीं चाहता। ऊपर पोस्ट में दिए गए उपाय, रचना और जानकारी को भिन्न – भिन्न लोगों की मान्यता और जानकारियों के अनुसार, और इंटरनेट पर मौजूदा जानकारियों को ध्यान पूर्वक पढ़कर, और शोधन कर लिखा गया है। यहां यह बताना जरूरी है कि Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com/) किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पूर्ण रूप से पुष्टि नहीं करता। मंत्र के उच्चारण, किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ, ज्योतिष अथवा पंड़ित की सलाह अवश्य लें। मंत्र का उच्चारण करना या ना करना आपके विवेक पर निर्भर करता है।

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