Apradh Kshama Prarthana | अपराध क्षमा प्रार्थना | मन्त्रहीनं क्रियाहीनं मंत्र | क्षमा याचना मंत्र: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए अपराध क्षमा प्रार्थना के बारे में बात करेंगे।
Apradh Kshama Prarthana
क्षमा याचना मंत्र
अपराध क्षमा प्रार्थना
मन्त्रहीनं क्रियाहीनं मंत्र
॥ अथ अपराधक्षमापणस्तोत्रम् ॥
ॐ अपराधसहस्त्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया ।
दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वरि॥१॥
आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम् ।
पूजां चैव न जानामि क्षम्यतां परमेश्वरि॥२॥
मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वरि ।
यत्पूजितं मया देवि परिपूर्णं तदस्तु मे।॥३॥
अपराधशतं कृत्वा जगदम्बेति चोच्चरेत् ।
यां गतिं समवाप्नोति न तां ब्रह्मादयः सुराः ॥ ४॥
सापराधोऽस्मि शरणं प्राप्तस्त्वां जगदम्बिके ।
इदानीमनुकम्प्योऽहं यथेच्छसि तथा कुरु ॥५॥
अज्ञानाद्विस्मृतेर्भ्रोन्त्या यन्न्यूनमधिकं कृतम् ।
तत्सर्वं क्षम्यतां देवि प्रसीद परमेश्वरि ॥६॥
कामेश्वरि जगन्मातः सच्चिदानन्दविग्रहे ।
गृहाणार्चामिमां प्रीत्या प्रसीद परमेश्वरि ॥७॥
गुह्यातिगुह्यगोप्त्री त्वं गृहाणास्मत्कृतं जपम् ।
सिद्धिर्भवतु मे देवि त्वत्प्रसात्सुरेश्वरि॥८॥
॥ इति अपराधक्षमापणस्तोत्रं समाप्तम् ॥
Credit the Video : Bhakti Mantra YouTube Channel
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