Eka Shloki Ramayana | एक श्लोकी रामायण जाप करने से मिलेगा पूरी रामायण पढ़ने का फल: दोस्तों नमस्कार, हमारा उद्देश्य है की आपकी जिबन में भक्ति लाना, भगवत का आस्वादन करबाना। आज हम आप लोगों को इस पोस्ट के माध्यम से एक ऐसे श्लोक के बारे में बात करेंगे, जिस श्लोक में रामायण की संक्षिप्त कहानी है।
अगर आपके पास महर्षि वाल्मीकि द्वारा लिखी गई रामायण या गोस्वामी तुलसीदासजी द्वारा रचित श्रीरामचरित मानस का नित्य पाठ करने का समय नहीं है, तो आप केवल एक मंत्र का विधि विधान से जाप करके संपूर्ण रामायण का पाठ करने के समान फल प्राप्त कर सकते हैं। इस मंत्र को एक श्लोकी रामायण कहा जाता है। जिसका पाठ करने से जीवन में नकारात्मकता दूर हो कर सकारात्मकता प्राप्त होती है। रावण रूपी अधर्मी व्यक्ति का अधर्म के मार्ग में चलने पर उनका पतन हुआ था। इसीलिये प्रत्येक व्यक्ति को धर्म के अनुसार कर्म करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति रामायण का पाठ करता है, वो जीवन में कभी भी गलत मार्ग में नहीं चल सकता। अनेके जन्म से अर्जित पाप की गांठी का छेदन के लिए राम नाम रूपी अमृत का पान करना चाहिए। तो आइए जानते हैं इस एक श्लोकी रामायण की संक्षिप्त कहानी। सबसे पहले सुनते हैं प्रभावशाली एक श्लोकी रामायण।
एक श्लोकी रामायण
प्रभावशाली एक श्लोकी रामायण
आदौ राम तपोवनादि गमनं, हत्वा मृगं कांचनम्।
वैदीहीहरणं जटायुमरणं, सुग्रीवसंभाषणम्॥
बालीनिर्दलनं समुद्रतरणं, लंकापुरीदाहनम्।
पश्चाद् रावण कुम्भकर्ण हननम्, एतद्धि रामायणम्॥
Eka Shloki Ramayana
Ek Shloki Ramayanam
Aadau Rama Tapovanadi Gamanam, Hatva Mrugam Kanchanam ।
Vaidehi Haranam Jatayu Maranam, Sugreeva Sambhashanam ॥
Vaali Nirdalanam Samudra Taranam, Lankapuri Dahanam ।
Paschad Ravana Kumbhakarana Hananam, Etaddhi Ramayanam ॥
एक श्लोकी रामायण का भावार्थ:
- श्रीराम वनवास गए, वहां उन्होने स्वर्ण मृग का पीछा किया और उसका वध किया।
- इसी दौरान रावण द्वारा सीताजी का हरण किया गया। उनकी रक्षा करते हुए पक्षीराज जटायु ने रावण के हाथों मारा गया। श्रीराम की मित्रता सुग्रीव से हुई।
- श्रीराम ने उसके दुष्ट भाई बालि का वध किया। समुद्र पर पुल बनाकर समुद्र पार किया।
- लंकापुरी का दहन किया। इसके पश्चात् रावण और कुंभकर्ण का वध किया। यही पूरी रामायण की संक्षिप्त कहानी है।
एक श्लोकी रामायण पाठ के नियम: नित्य प्रातः उठ कर स्नान करने के बाद घर के मंदिर में दीप जलाएं, उसके बाद नियम से इस एक श्लोकी रामायण का पाठ करें। इस मंत्र का जाप 108 बार करना चाहिए। अगर समय नहीं हो तो इस एक श्लोकी रामायण का 7, 14 या 21 बार भी इसका पाठ किया जा सकता है।
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