March 12, 2026
Stotram

Pranamya Shirasa Devam | प्रणम्य शिरसा देवं | प्राणम्य शिरसा देवम

Pranamya Shirasa Devam | प्रणम्य शिरसा देवं | प्राणम्य शिरसा देवम : नारद पुराण के अनुसार प्राणम्य शिरसा देवम को श्री गणेश स्तोत्रम् या संकट नाशनम गणपति स्तोत्रम् के नाम से भी जाना जाता है। यह भगवान गणेश से एक गंभीर प्रार्थना है जो आपके जीवन से बाधाओं को दूर करने में मदद करता है और धन और समृद्धि प्रदान करता है। गणेश को सभी बाधाओं को दूर करने वाले या विघ्नहर्ता के रूप में भी जाना जाता है। मंत्र में किसी भी कठिन परिस्थिति से बाहर निकलने के लिए हमारी आंतरिक भक्ति, समर्पण और इरादे को दिशा देने की शक्ति है। घबराहट या घबराहट के समय यह मन को बहुत शांति देता है।

प्रणम्य शिरसा देवं

प्राणम्य शिरसा देवम

प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्र विनायकम् ।
भक्तावासं स्मरेन्नित्यायुष्कामार्थसिद्धये ॥१॥

प्रथमं वक्रतुण्डं च एकदन्तं द्वितीयकम् ।
तृतीयं कृष्णपिङ्गाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम् ॥२॥

लम्बोदरं पञ्चमं च षष्ठं विकटमेव च ।
सप्तमं विघ्नराजं च धूम्रवर्ण तथाष्टमम् ॥३॥

नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम् ।
एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननम् ॥४॥

द्वादशैतानि नामानि त्रिसन्ध्यं यः पठेन्नरः ।
न च विघ्नभयं तस्य सर्वसिद्धिश्च जायते ॥५॥

विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम् ।
पुत्रार्थी लभते पुत्रान्मोक्षार्थी लभते गतिम् ॥६॥

जपेद् गणपतिस्तोत्रं षड्भिर्मासैः फलं लभेत् ।
संवत्सरेण सिद्धिं च लभते नात्र संशयः ॥७॥

अष्टाभ्यो ब्राह्मणेभ्यश्च लिखित्वा यः समर्पयेत् ।
तस्य विद्या भवेत्सर्वा गणेशस्य प्रसादतः ॥८॥

॥ इति श्री नारद पुराणे संकष्टनाशनं नाम श्री गणपति स्तोत्रं संपूर्णम् ॥

Pranamya Shirasa Devam

Pranamya Shirasa Devam Gauriputram Vinayakam ।
Bhakta Vasam Smare Nityam Aayuh Kamartha Siddhye ॥

Prathamam Vakratundam Cha Ekdandatam Dvitiyakam ।
Tritiyam Krushnapingaksham Gajvaktram Chaturthakam ॥

Lambodarm Panchamam Cha Shashtham Vikatmev Cha ।
Saptamam Vighnrajendram Dhumravarnam Tathashtakam ॥

Navamam Bhalchandram Cha Dashamam Tu Vinayakam ।
Ekadasham Ganpatim Dvadasham Tu Gajananam ॥

Dvadashaitani Namani Trisandhyam Yah Pathennarah ।
Na Cha Vighnabhayam Tasya Sarvsiddhikaram Prabhoo ॥

Vidhyarthi Labhate Vidhyam Dhanarthi Labhate Dhanam ।
Putrarthi Labhate Putran Moksharthi Labhate Gatim ॥

Japed Ganpatistotram Shadbhirmasaih Fhalam Labhet ।
Samvatsaren Siddhim Cha Labhate Natra Sanshayah ॥

Ashthabhyo Brahmanebhyshya Likhitva Yaha Samarpayet ।
Tasya Vidhya Bhavetsarva Ganeshsya Prasadtah ॥

॥ Iti Shri Narad Purane Sankat Nashanam Ganesha Stotram Sampurnam ॥

Credit the Video: Rajshri SoulYouTube Channel

Credit the Video: Times Music Spiritual YouTube Channel

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