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September 19, 2026
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Radha Ashtami Puja Vidhi | राधा अष्टमी व्रत संकल्प, पूजा विधि, भोग और पारण की पूरी जानकारी

Radha Ashtami Puja Vidhi

Radha Ashtami Puja Vidhi | राधा अष्टमी व्रत संकल्प, पूजा विधि, भोग और पारण की पूरी जानकारी: दोस्तों नमस्कार, आज हम आप लोगों को इस लेख के माध्यम से राधा अष्टमी व्रत संकल्प, पूजा विधि, भोग और पारण की पूरी जानकारी के बारे में बताने वाले हैं। प्रिय भक्तजनों राधा अष्टमी का व्रत से लेकर पूजा, पारण तक केवल उपवास रखने का नहीं, बल्कि यह श्री राधा रानी की भक्ति, श्रद्धा और प्रेम का पावन अवसर है।

Radha Ashtami Puja Vidhi

राधा अष्टमी व्रत संकल्प, पूजा विधि, भोग और पारण की पूरी जानकारी

पुराण के अनुसार श्री राधा अष्टमी का व्रत, सर्वप्रथम स्नान आदि दैनिक कर्मों से निवृत्त होकर स्वच्छ एवं शुद्ध वस्त्र धारण करें। तदानु उपरांत एक मंडप के भीतर एक मंडल की श्री रचना कर उसके मध्य में मिट्टी अथवा तांबे का कलश स्थापित करें। कलश के ऊपर एक तांबे का पात्र रखें। उस तांबे के पात्र के ऊपर देवी श्री राधा रानी की स्वर्णमय प्रतिमा विधिपूर्वक स्थापित करें।

प्रतिमा को दो नवीन वस्त्रों से ढक दें। तत्पश्चात मध्यकाल में राधा रानी की शोडस उपचार विधि द्वारा श्रद्धा पूर्वक पूजा अर्चना करें। यदि सामर्थ्य हैं तो पूर्ण दिवस उपवास करें। व्रत के आगामी दिवस पर सुहागिन स्त्रियों को प्रेम पूर्वक भोजन कराएं। तदानु उपरांत आचार्य को श्रद्धापूर्वक दान-दक्षिणा एवं भोजन कराएं। इसके पश्चात कुटुंबीजनों सहित स्वयं भोजन ग्रहण करके व्रत का विधिपूर्वक पारण करें। इस प्रकार श्री राधा अष्टमी की व्रत विधि संपन्न होती है।

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