November 1, 2026
Blog

Radha Ashtami | राधा अष्टमी व्रत कैसे करें

Radha Ashtami

Radha Ashtami | राधा अष्टमी व्रत कैसे करें: दोस्तों नमस्कार, आज हम आप लोगों को इस लेख के माध्यम से राधा अष्टमी व्रत कैसे करें के बारे में बताने वाले हैं। ब्रज मंडल में राधाष्टमी उत्सव जन्माष्टमी से भी बड़ा होता है। ठाकुर जी का जन्मोत्सव रात्रि 12:00 बजे मनाया जाता है। पर किशोरी जी जो उदया उदया भाव से प्रकट हुई। जैसे ही सूर्य की प्रथम किरण पृथ्वी पर पड़ी है, तभी किशोरी जी का प्रादुर्भाव हुआ। यदि आप जन्माष्टमी का उत्सव मनाकर अपने ठाकुर जी को और श्री जी को प्रसन्न कर सकते हैं, तो चलिए जानते हैं, राधा अष्टमी का व्रत हमें कैसे करना है।

देखिए यदि आप राधावल्लभ संप्रदाय को फॉलो करते हैं तो व्रत का नियम नहीं होता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप व्रत नहीं कर सकते हैं। यदि आपका भाव श्री जी के लिए है, तो व्रत करने के दो तरीके होते हैं। आप आधे दिन का व्रत भी कर सकते हैं। पूरे दिन का भी व्रत कर सकते हैं। यदि आप आधे दिन का व्रत करना चाहते हैं तो श्री जी इसमें भी प्रसन्न हो जाती है। क्योंकि हमारी श्री जी को अपने भक्तों को बहुत ज्यादा कष्ट देना पसंद नहीं है।

Radha Ashtami | राधा अष्टमी व्रत कैसे करें

आप जन्माष्टमी और राधाष्टमी को रात भर नाचो गाओ आनंद करो। सुबह 4:30 बजे घर में किशोरी जी को अभिषेक करो। सुंदर सुंदर कमल के पुष्प के बीच में किशोरी जी के श्री विग्रह को विराजमान रखो। कमल के मध्य से ही किशोरी जी शयन अवस्था में प्रकट हुई, तो कमल मध्य में किशोरी जी को विराजमान करो। घर पर ठाकुर जी है तो ठाकुर जी को विराजमान करो। प्रातः काल 4 बजे शंखनाद, सुंदर घंटे, घड़ियाल, नगाड़े आदि से बधाई गायन करो। इसके बाद दीप प्रज्वलन करके किशोरी जी को प्रादुर्भाव करो। फिर पंचामृत से अभिषेक करो। पंचामृत अभिषेक करने के बाद में सुंदर किशोरी जी को श्रृंगार करो। श्रृंगार करने के बाद भोग धरा के फिर किशोरी जी की आरती करो। यदि संभव हो तो श्री राधा रानी किशोरी जी को आरती, भोग आदि पूजन के बाद 1000 (एक हजार कमल) कमल से श्री चरणों की अर्चना करो। गोपाल जी के नाम से एक एक कमल किशोरी जी के चरण में अर्पित करें।

पद्म पुराण में श्री राधारानी के जन्मोत्सव यानी राधाष्टमी व्रत की अद्भुत महिमा का सुंदर वर्णन मिलता है। कहा गया है कि एक हजार एकादशियों के व्रत से जो पुण्यफल प्राप्त होता है, एक राधाष्टमी का व्रत करने से उतना पुण्यफल प्राप्त होता है। राधाष्टमी का व्रत केवल अन्न का त्याग करने के लिए नहीं, बल्कि अपने मन को शुद्ध और सकारात्मक बनाए रखने के लिए किया जाता है। व्रत इसलिए करना है कि मन में आलस्य ना आए, नकारात्मक भाव उत्पन्न ना हों, किसी के प्रति दुर्भावना ना आए।

राधाष्टमी का व्रत करने का नियम मूलत अन्न का सेवन नहीं किया जाता है। अन्न का सेवन ना करने से मन मस्तिष्क में नकारात्मक ऊर्जाएं नष्ट हो जाती हैं। शरीर में हल्कापन अनुभव होता है। अपनी शारीरिक सामर्थ्य के अनुसार ही व्रत करें, ताकि व्रत के कारण स्वास्थ्य प्रभावित नना हो।

इसके पश्चात नाचते नाचते, उत्सव करते करते, किशोरी जी के आगे, ठाकुर जी के आगे, श्रद्धापूर्वक राधाष्टमी का व्रत रखें। पूरे दिन किशोरी जी के लिए प्रेमपूर्वक अच्छे-अच्छे व्यंजन बनाएँ और उन्हें भोग के रूप में अर्पित करें। भोग लगाने के बाद प्रसाद को भक्तों और परिवारजनों में वितरित करें। जब अगले दिन नवमी तिथि लगे तब उसी प्रसाद को प्रसाद रूप में ग्रहण करके अपने व्रत का पारण कर सकते हैं। राधाष्टमी का व्रत करना पुण्यदायक माना गया है, तो किशोरी जी की कृपा और भक्ति प्राप्त के लिए व्रत करना चाहिए।

Disclaimer: Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) वेबसाइट का उद्देश्य किसी की आस्था या भावनाओं को ठेस पहुंचना नहीं है। इस वेबसाइट पर प्रकाशित उपाय, रचना और जानकारी को भिन्न – भिन्न लोगों की मान्यता, जानकारियों के अनुसार और इंटरनेट पर मौजूदा जानकारियों को ध्यान पूर्वक पढ़कर, और शोधन कर लिखा गया है। इस पोस्ट पर दिए गए जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और शैक्षिक उद्देश्य के लिए बनाया गया है। यहां यह बताना जरूरी है कि Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) इसमें चर्चा की गई किसी भी तरह जानकारी, मान्यता, सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की पूर्ण रूप से गारंटी नहीं देते। राधा अष्टमी व्रत कैसे करें का अर्थ और महत्व को अमल में लाने से पहले कृपया संबंधित योग्य विशेषज्ञ अथवा पंड़ित की सलाह अवश्य लें। राधा अष्टमी व्रत कैसे करें का उच्चारण करना या ना करना आपके विवेक पर निर्भर करता है। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी का उपयोग पूरी तरह से उपयोगकर्ता की अपनी ज़िम्मेदारी पर है। किसी भी प्रकार की हानि, नुकसान, या परिणाम के लिए हम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार नहीं होंगे।

Facebook
Instagram
YouTube

Related posts

Conva Lexa | Convalesce | Italian Switchwords For Money | कॉनवा लेक्सा

bbkbbsr24

विष्णु सहस्रनाम की अनुपम महिमा

Bimal Kumar Dash

सोमवार क्यों है भगवान शिव का दिन? जानिए खास वजहें

Bimal Kumar Dash