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May 16, 2026
Ashtakam

Guru Ashtakam | गुरु अष्टकम

Guru Ashtakam

Guru Ashtakam | गुरु अष्टकम: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए गुरु अष्टकम के बारे में बात करेंगे। गुरु अष्टकम में गुरु आदि शंकराचार्य यह बताते हैं कि गुरु शिष्यों की अनेक प्रकार से रक्षा करते हैं और उन्हें आत्मज्ञान प्राप्त करने का मार्ग दिखाते हैं। गुरु केवल बाहरी शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि अज्ञान, मोह और संसार के दुखों से भी शिष्य को बचाते हैं। गुरु की कृपा से ही शिष्य के जीवन में आध्यात्मिक जागृति आती है और वह मोक्ष तथा आत्मसाक्षात्कार की ओर अग्रसर होता है।

गुरु अष्टकम

शरीरं सुरुपं तथा वा कलत्रं
यशश्चारू चित्रं धनं मेरुतुल्यम् ।
मनश्चेन्न लग्नं गुरोरंघ्रिपद्मे
ततः किं ततः किं ततः किं ततः किम् ॥ १ ॥

कलत्रं धनं पुत्रपौत्रादि सर्वं
गृहं बान्धवाः सर्वमेतद्धि जातम् ।
मनश्चेन्न लग्नं गुरोरंघ्रिपद्मे
ततः किं ततः किं ततः किं ततः किम् ॥ २ ॥

षडंगादिवेदो मुखे शास्त्रविद्या
कवित्वादि गद्यं सुपद्यं करोति ।
मनश्चेन्न लग्नं गुरोरंघ्रिपद्मे
ततः किं ततः किं ततः किं ततः किम् ॥ ३ ॥

विदेशेषु मान्यः स्वदेशेषु धन्यः
सदाचारवृत्तेषु मत्तो न चान्यः ।
मनश्चेन्न लग्नं गुरोरंघ्रिपद्मे
ततः किं ततः किं ततः किं ततः किम् ॥ ४ ॥

क्षमामण्डले भूपभूपालवृन्दैः
सदा सेवितं यस्य पादारविन्दम् ।
मनश्चेन्न लग्नं गुरोरंघ्रिपद्मे
ततः किं ततः किं ततः किं ततः किम् ॥ ५ ॥

यशो मे गतं दिक्षु दानप्रतापात्
जगद्वस्तु सर्वं करे सत्प्रसादात् ।
मनश्चेन्न लग्नं गुरोरंघ्रिपद्मे
ततः किं ततः किं ततः किं ततः किम् ॥ ६ ॥

न भोगे न योगे न वा वाजिराजौ
न कान्तासुखे नैव वित्तेषु चित्तम् ।
मनश्चेन्न लग्नं गुरोरंघ्रिपद्मे
ततः किं ततः किं ततः किं ततः किम् ॥ ७ ॥

अरण्ये न वा स्वस्य गेहे न कार्ये
न देहे मनो वर्तते मे त्वनर्घ्ये ।
मनश्चेन्न लग्नं गुरोरंघ्रिपद्मे
ततः किं ततः किं ततः किं ततः किम् ॥ ८ ॥

अनर्घ्याणि रत्नादि मुक्तानि सम्यक्
समालिंगिता कामिनी यामिनीषु ।
मनश्चेन्न लग्नं गुरोरंघ्रिपद्मे
ततः किं ततः किं ततः किं ततः किम् ॥ ९ ॥

गुरोरष्टकं यः पठेत्पुण्यदेही
यतिर्भूपतिर्ब्रह्मचारी च गेही ।
लभेत् वांछितार्थ पदं ब्रह्मसंज्ञं
गुरोरुक्तवाक्ये मनो यस्य लग्नम् ॥

– श्री शङ्कराचार्य कृतं!

Guru Ashtakam

Sareeram Suroopam Thadha Va Kalathram
Yasacharu Chithram Dhanam Meru Thulyam ।
Manaschenna Lagnam Gurorangri Padme
Thatha Kim Thatha Kim Thatha Kim Thatha Kim. ॥ 1 ॥

Kalathram Dhanam Puthrapothradhi Sarvam
Gruham Bandhavam Sarvamethadhi Jatham ।
Manaschenna Lagnam Gurorangri Padme
Thatha Kim Thatha Kim Thatha Kim Thatha Kim. ॥ 2 ॥

Shadangadhi Vedo Mukhe Sasra Vidhya
Kavithwadhi Gadhyam Supadhyam Karothi ।
Manaschenna Lagnam Gurorangri Padme
Thatha Kim Thatha Kim Thatha Kim Thatha Kim. ॥ 3 ॥

Videseshu Manya Swadeseshu Danya
Sadachara Vrutheshu Matho Na Cha Anya ।
Manaschenna Lagnam Gurorangri Padme
Thatha Kim Thatha Kim Thatha Kim Thatha Kim. ॥ 4 ॥

Kshma Mandale Bhoopa Bhoopala Vrundai
Sada Sevitham Yasya Padaravindam ।
Manaschenna Lagnam Gurorangri Padme
Thatha Kim Thatha Kim Thatha Kim Thatha Kim. ॥ 5 ॥

Yaso Me Gatham Bikshu Dana Prathapa
Jagadwathu Sarvam Kare Yah Prasdath ।
Manaschenna Lagnam Gurorangri Padme
Thatha Kim Thatha Kim Thatha Kim Thatha Kim. ॥ 6 ॥

Na Bhoge Na Yoge Na Vaa Vajirajou
Na Kantha Sukhe Naiva Vitheshu Chitham ।
Gurorangri Padme Manaschenna Lagnam
Thatha Kim Thatha Kim Thatha Kim Thatha Kim. ॥ 7 ॥

Aranye Na Vaa Swasya Gehe Na Karye
Na Dehe Mano Varthathemath Vanarghye ।
Manaschenna Lagnam Gurorangri Padme
Thatha Kim Thatha Kim Thatha Kim Thatha Kim. ॥ 8 ॥

Anarghani Rathnani Mukthani Samyak
Samalingitha Kamini Yamineeshu ।
Manaschenna Lagnam Gurorangri Padme
Thatha Kim Thatha Kim Thatha Kim Thatha Kim. ॥ 9 ॥

Phalasruthi:
Guror Ashtakam Ya Padeth Punya Dehi
Yathir Bhoopathir Brahmacharee Cha Gehi
Labeth Vanchithartham Padam Brahma Samgnam
Guruor Uktha VakyeMano Yasya Lagnam

Credit the Video: Rakesh Kumar Spiritual by Rakesh Kumar YouTube Channel

Credit the Video: Sounds of Isha YouTube Channel

Credit the Video: The Art of Living YouTube Channel

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