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May 24, 2026
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Shivling Par Kitne Belpatra Chadhana Chahie | शिवलिंग पर कितने बेलपत्र चढ़ाने चाहिए?

Shivling Par Kitne Belpatra Chadhana Chahie

Shivling Par Kitne Belpatra Chadhana Chahie | शिवलिंग पर कितने बेलपत्र चढ़ाने चाहिए: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए शिवलिंग पर कितने बेलपत्र चढ़ाने चाहिए के बारे में बात करेंगे। आदि देव महादेव काे धरती लोक में शिवलिंग के रूप में पूजा जाता है। बेलपत्र आदि देव महादेव को सबसे प्रिय है। इसे पुष्प की श्रेणी में रखा जा सकता है। बेलपत्र एक औषधिय वृक्ष है। इसके पत्तों का सेवन करने से गंभीर रोगों से निजात पाया जा सकता है। आज का लेख बेलपत्र से संबंधित है। पोस्ट के जरिए हम जानेंगे कि, शिवलिंग पर कितने बेलपत्र चढ़ाने चाहिए और बेलपत्र चढ़ाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए तथा कौन मन्त्र का जाप करना चाहिए।

शिवलिंग पर कितने बेलपत्र चढ़ाने चाहिए?

हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार शिवलिंग पर 3 से लेकर 11 बेलपत्र चढ़ाने का नियम है। ध्यान रहे कि, बेलपत्र को चिकनी परत की तरफ से ही शिवलिंग पर चड़ाया जाता है। आदि शंकर की आरधना में बेलपत्र की भूमिका बहुत ही अत्यधिक है साथ ही दूध और जल को भी पूजन में शामिल करना जरुरी है। पर इसे चढ़ाते समय की बातों का ध्यान भी रखना होता है।

जैसे बेलपत्र तीन पत्तियों से कम का नहीं होना चाहिए इससे अधिक का हो तो बहुत ही शुभ है। बिना धारियों वाला बेलपत्र ही शिव जी को चढ़ाना चाहिए। इसे हमेशा स्वच्छ पानी से साफ करने के बाद ही चढ़ाया जाता है। बेलपत्र को चढ़ाने के पूर्व इसे दूध में धो ले फिर गंगाजल में डूबने के बाद भगवान शंकर को अर्पण करें।

ध्यान रहे कि, किसी भी तरह से कटा फटा बेलपत्र नहीं चढ़ाना चाहिए। ऐसे बेलपत्र चढाना वर्जित होता है। क्योंकि इस तरह के कटे फाटे पत्तो वाले बेलपत्र को खंडित माना जाता है। आपको बेलपत्र चढ़ाते समय त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रिधायुतम् त्रिजन्मपापसंहारं बिल्वपत्रं शिवार्पणम् मन्त्र का जाप करना चाहिए।

शंकर भगवान की पूर्ण निष्ठा से आराधना करने से आपकी सारी मनोकामनाए पूर्ण होती है। इतना ही नहीं मनुष्य जीवन में सुख समृद्धि बनी रहती है। आपके सारे कष्ट भगवान भोलेनाथ हर लेते हैं।

नोट : शिवलिंग पर कितने बेलपत्र चढ़ाने- हिंदू धर्म ग्रंथों को पढ़ने के बाद समायोजित कर लिखा गया। भक्ति भारत की वेबसाइट का इससे सीधा कोई संबंध नहीं है। पूजन और बेलपत्र चढ़ाने को लेकर यदि आपके मन में कोई शंका हैं तो पहले उसका निदान करें।

Disclaimer: Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) वेबसाइट का उद्देश्य किसी की आस्था या भावनाओं को ठेस पहुंचना नहीं है। इस वेबसाइट पर प्रकाशित उपाय, रचना और जानकारी को भिन्न – भिन्न लोगों की मान्यता, जानकारियों के अनुसार और इंटरनेट पर मौजूदा जानकारियों को ध्यान पूर्वक पढ़कर, और शोधन कर लिखा गया है। इस पोस्ट पर दिए गए जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और शैक्षिक उद्देश्य के लिए बनाया गया है। यहां यह बताना जरूरी है कि Bhakti Bharat Ki / भक्ति भारत की (https://bhaktibharatki.com) इसमें चर्चा की गई किसी भी तरह जानकारी, मान्यता, सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की पूर्ण रूप से गारंटी नहीं देते। श्री नृसिंह पंचामृत स्तोत्रम् का अर्थ और महत्व को अमल में लाने से पहले कृपया संबंधित योग्य विशेषज्ञ अथवा पंड़ित की सलाह अवश्य लें। श्री नृसिंह पंचामृत स्तोत्रम् का उच्चारण करना या ना करना आपके विवेक पर निर्भर करता है। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी का उपयोग पूरी तरह से उपयोगकर्ता की अपनी ज़िम्मेदारी पर है। किसी भी प्रकार की हानि, नुकसान, या परिणाम के लिए हम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार नहीं होंगे।

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