Shri Annapoorna Devi Aarti | श्री अन्नपूर्णा देवी आरती: दोस्तों नमस्कार, आज हम आपको इस लेख के जरिए श्री अन्नपूर्णा देवी आरती के बारे में बात करेंगे। संस्कृत भाषा में “अन्न” शब्द का अर्थ भोजन या अन्न होता है। “पूर्णा” शब्द का अर्थ पूर्ण या संपूर्ण होता है। वे भगवान शिव की पत्नी अन्नपूर्णा हैं, जो देवी पार्वती का एक अवतार मानी जाती हैं। माता अन्नपूर्णा कमल के सिंहासन पर विराजमान हैं। माता के दो हाथ हैं, जिनमें एक हाथ में वे एक पात्र और दूसरे हाथ में एक चम्मच धारण किए हुए हैं। माता भगवान शिव को भोजन प्रदान कर रही हैं।
श्री अन्नपूर्णा देवी आरती
बारम्बार प्रणाम मैया बारम्बार प्रणाम ।
जो नहीं ध्यावे तुम्हे अम्बिके, कहा उसे विश्राम ॥
अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारो, लेत होत सब काम ।
प्रलय युगांतर और जन्मान्तर , कालांतर तक नाम ॥
सुर असुरों की रचना करती, कहाँ कृष्ण कहं राम ।
चुमहि चरण चतुर चतुरानन, चारू चक्रधर श्याम ॥
चंद्रचूड़ चन्द्रानन चाकर, शोभा लखही ललाम ।
देवी देव दयनीय दशा में, दया दया तब नाम ॥
त्राहि त्राहि शरणागतवत्सल, शरणरूप तव धाम ।
श्री ह्री श्रद्धा श्री ऐं, विद्या क्लीं कमला काम ॥
॥ कांटी भ्रान्तिमयी कांति, शांतिमयीवर दे तू निष्काम ॥
Shri Annapoorna Devi Aarti
॥ Annapoorna Devi Aarti ॥
Barmbar Pranam Meya, Barmbar Pranam ।
Jo Dayave Tumhi Ambike, Kaha Use Vishram ॥
Annpoorna Devi Naam Tumharo, Let Hote Sab Kaam ।
Parlay Ugantar Aur Janmantar, Kalantar Tab Naam ॥
Sur Suro Ko Rachna Karti, Kaha Krishn Kaha Ram ।
Chumhu Charan Chamhu Chaturann, Charu Chakdhar Shyam ॥
Chrand-Chuad Chandranan Chakar, Shobha Lakhhi Salam ।
Devi Dev Dayniy Dasha Mai, Daya Daya Tav Jama ॥
Trahi-Trahi Sharangat Vatsal, Sharanroop Tav Dhama ।
Shri Hi Shradha Ji Ae Vidhya, Shri Kali Kamla Kaam ॥
॥ Kranti Bhratimayi Kranti Shanti Sayovar Detu Nishkam ॥
Credit the Video: Shemaroo Bhakti by Varsha Srivastava YouTube Channel
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